झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन का निधन, दिल्ली के गंगाराम अस्पताल में ली अंतिम सांस

नई दिल्ली। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री, वयोवृद्ध आदिवासी नेता और राज्यसभा सांसद ’’शिबू सोरेन’’ का सोमवार सुबह निधन हो गया। उन्होंने दिल्ली के ’’सर गंगाराम अस्पताल’’ में अंतिम सांस ली। अस्पताल के नेफ्रोलॉजी विभाग के अध्यक्ष ’’डॉ. एके भल्ला’’ ने उनके निधन की पुष्टि की। डॉ. भल्ला के अनुसार, 81 वर्षीय शिबू सोरेन की हालत पिछले कई दिनों से गंभीर बनी हुई थी। वह ’’डायबिटीज’’, ’’किडनी’’ और ’’फेफड़े की बीमारी’’ से जूझ रहे थे।

हाल ही में उन्हें ’’ब्रेन स्ट्रोक’’ भी हुआ था, जिसके चलते उनके शरीर का बायां हिस्सा पैरालाइज़ हो गया था। उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था। अस्पताल में भर्ती होने के बाद से ही वह ’’आईसीयू’’ में थे, और उनकी देखभाल के लिए झारखंड के मुख्यमंत्री और उनके पुत्र ’’हेमंत सोरेन’’ दिल्ली में ही डटे हुए थे। इस दौरान कई वरिष्ठ नेता भी अस्पताल पहुंचकर उनका हालचाल लेने आए।

शिबू सोरेन के निधन की जानकारी सबसे पहले उनके पुत्र हेमंत सोरेन ने ’’एक्स (पूर्व ट्विटर)’’ पर साझा की। भावुक शब्दों में उन्होंने लिखा, पिताजी के जाने से मैं शून्य हो गया हूं। यह सिर्फ मेरा व्यक्तिगत नहीं, झारखंड के आदिवासी समाज और राजनीति का अपूरणीय नुकसान है।

शिबू सोरेन, जिन्हें श्रद्धापूर्वक ’गुरुजी’ कहा जाता था, झारखंड आंदोलन के प्रमुख चेहरा थे। उन्होंने आदिवासी अधिकारों की लड़ाई को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। तीन बार झारखंड के मुख्यमंत्री रहे शिबू सोरेन लंबे समय तक केंद्र सरकार में मंत्री भी रहे। उनके निधन से राज्य ही नहीं, राष्ट्रीय राजनीति में भी शोक की लहर है। प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, कई केंद्रीय मंत्री और विभिन्न दलों के नेताओं ने उनके योगदान को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की है।

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