मेहलचौरी के नजदीकी गांव सिलंगा में दो ओर गायों को गुलदार ने बनाया निवाला,गौभक्षी गुलदार ने गौशाला में बंधी भैंस के बछड़े को नही लगाई खरोंच तक।
वन विभाग का पिंजरा खराब ,ग्रामीणों में नाराजगी,विधायक नौटियाल ने वन विभाग को ओर पिंजरे लगाने को कहा।
मेहलचौरी (गैरसैंण)- 06 जनवरी 2026
रिपोर्ट- प्रेम संगेला
विकासखंड गैरसैंण के मेहलचोरी न्याय पंचायत में गुलदार का आतंक कम होने का नाम नहीं ले रहा है।ताजे घटनाक्रम में सोमवार रात को गुलदार ने एक बार फिर सिलंगा ग्राम पंचायत के घनियाली गांव में गौशाले का दरवाजा तोडकर काश्तकार अवतार सिंह रावत की दुधारू गाय व एक बछड़े को मार डाला।मंगलवार सुबह 7 बजे जब काश्तकार की बहु बंसती देवी दुध निकालने गौशाला पंहुची ,तो गायों के अधखाए शव देखकर बुरी तरह घबरा गयी ओर बदहवासी की हालत में घर पंहुचकर परिजनों को जानकारी दी ,जिसके बाद घटना की सूचना वनकर्मियों को दिए जाने के बाद टीम मौके पर पंहुची। वनकर्मियों में शामिल डिप्टी रेंजर अवतार सिंह रावत ,वन दरोगा का जंगवीर बिष्ट ,वन वीट अधिकारी शशी जोशी ने मौके पर पहुंचकर मामले में आवश्यक जानकारी जुटाने के बाद पोस्टमार्टम कर वनश्रमिकों के सहयोग से मृत गायों को दफनाने की कार्रवाई की।
वहीं घटना में एक हैरान कर देने वाली बात भी देखने में सामने आई है जहां गुलदार ने गौशाला में बंधी दो गोवंश को निवाला बना डाला ,वहीं साथ में बंधी भैंस के सालभर की थोरी (बछडे)को खरोच तक नहीं लगाई है।सुबह भैंस की थोरी डरी हुई हालत में अपने खुंटे पर ही बंधी पायी गयी।जिससे साफ प्रतीत होता है कि गुलदार केवल गोवंश को ही अपना निवाला बना रहा है। मामले में ग्रामीणों ने अभिलंब गांव में पिंजरा लगाकर गौभक्षी हो चुके गुलदार से निजात दिलाने की मांग की है।वहीं वन विभाग के पास अभी एक ही पिंजरा है ,जिसे घनियाली गांव में लगाये जाने की बात कही गई है,जबकि सप्ताहभर पूर्व ऊजिटिया गांव में दो गायों ओर नजदीकी रंगचौणा गांव में एक गाय को निवाला बनाने के बाद भी गुलदार लगातार गांव में ही सक्रिय देखा जा रहा है।ग्रामीणों ने गांव से हटाए गए पिंजरे को दोबारा से लगाए जाने की मांग की है। लेकिन विभाग के पास उपलब्ध दूसरा पिंजरा खराब हालत में होने से फिलहाल लगाया नहीं जा सका है।
मामले में रेंजर प्रदीप गौड़ ने बताया कि घनियाली गांव में गुलदार के हमले के बाद वहां पिंजरा लगाया जा रहा है।जबकि ऊजिटिया रंगचौणा व मेखौली में भी लगातार गुलदार के सक्रिय होने की सूचना मिल रही है ।दूसरा पिंजरा ठीक करवा कर उसे भी जल्द प्रभावित क्षेत्र में लगाये जाने की तैयारी है। मामले में ग्राम प्रधान सिलंगा दीपा देवी व क्षेत्र पंचायत सदस्य वीरेंद्र नेगी ने कहा की सप्ताहभर में ग्राम पंचायत के अंतर्गत गुलदार के हमले की तीन घटनाएं हो चुकी हैं जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल है।पिंजरों की संख्या बढाकर गुलदार को जल्द से जल्द पकडकर चिडियाघर ले जाया जाए।वहीं मामले में जिला पंचायत सदस्य कोठा सुरेश बिष्ट ने वन विभाग से अविलंब पिडित काश्तकारों को मुआवजा दिलाने की मांग की है। उन्होंने कहा की गैरसैंण क्षेत्र में वर्ष 2023 से हुए कुल मामलों में आधे लोगों को ही मवेशियों का मुआवजा मिल पाया है।जिससे पशुपालन के सहारे रोजी रोटी चलाने वाले गरीब काश्तकारों को अपना परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है।वहीं मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए विधायक कर्णप्रयाग अनिल नौटियाल ने कहा की लगातार हो रही घटनाओं से भय का माहौल है मामले में मुख्य वन संरक्षक गढवाल व डिएफओ चमोली से बात कर सघन गश्त व पिंजरों की संख्या बढ़ाने को कहा गया है।
