पैरालाइज्ड पति से की पत्नी ने गुजारे भत्ते की मांग,कोर्ट में स्ट्रेचर पर लेटकर होना पड़ा पेश।
कानपुर (उत्तरप्रदेश)-22 दिसंबर 2025
उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक ऐसा मामला सामने आ रहा है जिसे सुनकर आप भी हैरान रह जाएंगे। यहां पर एक लकवाग्रस्त पति को गुजारा भत्ता विवाद में अपनी शारीरिक स्थिति साबित करने के लिए कोर्ट में स्ट्रेचर पर लाना पड़ गया। चलिए जानते है पूरा मामला आखिर है क्या।
पैरालाइज्ड पति से की पत्नी ने गुजारे भत्ते की मांग⤵️
पति-पत्नी के बीच विवाद के बाद ये मामला कोर्ट पहुंच गया। जहां पर पत्नी ने पति से गुजारा भत्ता और भरण पोषण की मांग की। हालांकि महिला का पति पैरालाइज्ड है.अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है,लेकिन महिला ने आरोप लगाए कि उसका पति पूरी तरह से स्वस्थ है। गुजारा भत्ता ना देने की वजह से वो अस्पताल में एडमिट है।महिला की अपील पर पति कोर्ट में पेश हुआ.पैरालाइज्ड होने की वजह से उसे स्ट्रेचर पर लाना पड़ा।
पति को पांच साल से ब्रेन हैमरेज और लकवा⤵️
दरअसल शादी के एक महीने बाद ही पत्नी ने अपने पति को छोड़ दिया। पिछले पांच साल से पति को ब्रेन हैमरेज है। जिसके बाद उसे लकवा भी मार गया। परिवार वाले ही उसकी देखभाल करते है।
अदालत में फैलाया भ्रम⤵️
इस दौरान जो पति पूरा का पूरा अपने परिवार पर निर्भर है, पत्नी उससे गुजारा भत्ते की मांग करती है। साथ ही अदालत में दावा करती है कि उसका पति स्वस्थ है। गुजारा भत्ता ना देना पड़े, इसलिए बीमारी का झूठा ड्रामा कर रहा है। इन्हीं गंभीर आरोपों ने युवक के वकील और परिवार को उसकी हालत से अवगत कराने के लिए कोर्ट में उसे पेश करने का फैसला किया।
कोर्ट में स्ट्रेचर पर लेटकर पेश हुआ युवक⤵️
परिजन पूरी मेडिकल दस्तावेजों के साथ युवक को स्ट्रेचर पर लिटाकर अस्पताल से सीधे कोर्ट में पेश होने के लिए लेकर चले गए। युवक के वकील विनोद पाल की माने तो महिला कोर्ट में लगातार भ्रम फैला रही थीं। इस झूठ का पर्दाफाश करने के लिए उन्हें ये कदम उठाना पड़ा. अदालत ने इस मामले में सभी दस्तावेजों को गंभीरता से लिया, साथ ही भविष्य की कार्यवाही के निर्देश दिए हैं।
