ग्रीष्मकालीन राजधानी के नजदीक दीवालीखाल में बर्फवारी से राजमार्ग ठप्प,राजमार्ग विभाग की अधूरी तैयारियां बनी सरदर्द,छोटे बच्चों के साथ बर्फीली ठंड में जंगल के बीच फंसे यात्री।

ग्रीष्मकालीन राजधानी के नजदीक दीवालीखाल में बर्फवारी से राजमार्ग ठप्प,राजमार्ग विभाग की अधूरी तैयारियां बनी सरदर्द,छोटे बच्चों के साथ बर्फीली ठंड में जंगल के बीच फंसे यात्री।

7 बजे पंहुचा एक जेसीबी वाहन देर रात तक खुलने की संभावना।

गैरसैंण- 23 जनवरी 2026
रिपोर्ट-प्रेम संगेला

ग्रीष्मकालीन राजधानी परिक्षेत्र में जहां जाडों की पहली बारिश के साथ ही जमकर बर्फवारी होने से काश्तकारों में खुशी की लहर है ,वहीं बर्फवारी यहां से गुजरने वाले यात्रीयों के लिए दुश्वारियां लेकर आयी है ।बर्फवारी से वाहनों में सवार यात्री छोटे बच्चों के साथ जंगल के बीच फंसे रहने से परेशान नजर आए। दिवालीखाल क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग ज्योलीकोट -कर्णप्रयाग 109 पर बर्फ पड़ने से सड़क जाम होना आम बात है।

पिछले सप्ताहभर से मौसम विभाग की संभावित चेतावनियों के बावजूद राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग अपनी तैयारीयों को लेकर सोता हुआ नजर आया। जिसका खामियाजा परिवारों के साथ सफर कर रहे यात्रीयों को भुगतना पड रहा है। शुक्रवार को दोपहर 2 बजे से शुरू हुई बारिश के तत्काल बाद ही बर्फबारी शुरू हो गई थी , तेज बर्फबारी के बाद दिवालीखाल से कर्णप्रयाग की तरफ 6 किलोमीटर जंगलचट्टी ,खेती व मालसी तक जबकि गैरसैंण की तरफ 3 किलोमीटर कालीमाटी की तरफ सड़क पूरी तरह बंद हो गई ।लेकिन बर्फबारी के 5 घंटे बीतने के बावजूद राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग कोई प्रयास करता हुआ नजर नहीं आया, जिसके चलते बड़ी संख्या में दिवाली खाल के दोनों तरफ यात्री वाहन फंस गए। यात्री वाहनों में जहां कई परिवार छोटे-छोटे बच्चों के साथ घने जंगल ओर कड़कड़ाती ठंड के बीच फंसकर परेशान नजर आए ।वहीं स्वास्थ्य विभाग की 108 सेवा व गैरसैंण कोतवाली का वाहन भी फंसा रहा। दरअसल पहाडों में बारिशों ओर बर्फबारी की संभावना के बीच बडी संख्या में इस मार्ग से पर्यटक औली जोशीमठ की तरफ रुख करते हैं। वहीं बड़ी संख्या में रानीखेत व गैरसैंण की तरफ आने वाली यात्री शामिल रहे ।देर शाम 7 बजे तक भी कर्णप्रयाग की तरफ से आने वाला जेसीबी 3 किलोमीटर दूर खेती तक ही पहुंच पाया था।

वहीं गैरसैंण की तरफ से विभाग के पास जेसीबी की कोई व्यवस्था नहीं थी। विभागीय कनिष्ठ अभियंता मुकेश लसियाल ने बताया कि कर्णप्रयाग से दिवालीखाल की तरफ जेसीबी भेजा दिया गया है,विभाग के पास फिलहाल अपना या अनुबन्धित जेसीबी न होने से परेशानी हो रही है।

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