रिटायर अधिकारी से 64 लाख से अधिक की ठगी,आरोपी ने CBI अधिकारी बनकर किया डिजिटल अरेस्ट।

रिटायर अधिकारी से 64 लाख से अधिक की ठगी,आरोपी ने CBI अधिकारी बनकर किया डिजिटल अरेस्ट।

देहरादून-02 फरवरी 2026

साइबर ठगों ने डिजिटल अरेस्ट का खौफ दिखाकर उत्तराखंड जलनिगम से सेवानिवृत्त एक वरिष्ठ अधिकारी से 64.65 लाख रुपये ठग लिए। आरोपियों ने खुद को CBI अधिकारी बताकर मनी लॉन्ड्रिंग के केस में फंसाने और जेल भेजने की धमकी दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार, 71 वर्षीय पीड़ित अजबपुर कलां क्षेत्र में रहते हैं। ठगों ने फोन कर बताया कि दिल्ली में उनके नाम से एक फर्जी बैंक खाता खोला गया है, जिसका इस्तेमाल तस्करी में हो रहा है। इसके बाद पीड़ित को “डिजिटल अरेस्ट” की बात कहकर मानसिक दबाव में लिया गया। ठगों ने पुलिस की वर्दी पहने एक व्यक्ति को वीडियो कॉल पर पेश किया और उच्चतम न्यायालय का जाली वारंट दिखाया। उन्होंने कहा कि बैंक खातों में मौजूद रकम का सत्यापन करना जरूरी है और जांच के बाद पूरी राशि लौटा दी जाएगी। डरे-सहमे बुजुर्ग ने ठगों के बताए अनुसार दिसंबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच अलग-अलग बैंक खातों में कुल 64,65,000 रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में ठगों ने जमानत के नाम पर चार लाख रुपये और मांगे,तभी पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ।

नवनीत भुल्लर ने बताया कि शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है और खातों/डिजिटल ट्रेल की जांच की जा रही है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि कोई भी एजेंसी डिजिटल अरेस्ट नहीं करती—ऐसी कॉल आए तो तुरंत 112/1930 पर सूचना दें।

अपील- CBI/पुलिस फोन या वीडियो कॉल पर गिरफ्तारी नहीं करती,वारंट/समन की ऑनलाइन तस्वीरें दिखाकर पैसे नहीं मांगे जाते।बैंक सत्यापन के नाम पर राशि ट्रांसफर न करें
संदिग्ध कॉल आते ही कॉल काटें और 1930 पर रिपोर्ट करें।

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