हरिद्वार के मैदानी इलाके में भालू की दस्तक,लालढांग के पीली पड़ाव गांव में भालू से दहशत।
हरिद्वार-02 फरवरी 2026
अब तक उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में भालू की दहशत की खबरें सामने आती थीं, लेकिन अब मैदानी इलाकों में भी भालू की मौजूदगी से लोगों में डर का माहौल बन गया है। हरिद्वार के लालढांग क्षेत्र के पीली पड़ाव गांव में पिछले कई दिनों से भालू का मूवमेंट देखा जा रहा है। भालू रोजाना आबादी क्षेत्र में पहुंच रहा है, जिसकी चहलकदमी ग्रामीणों ने मोबाइल कैमरे में कैद कर ली। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
हालांकि अब तक भालू ने किसी ग्रामीण पर हमला नहीं किया है, लेकिन घरों के आसपास उसकी मौजूदगी से लोग सहमे हुए हैं। वन विभाग की ओर से भालू को आबादी क्षेत्र में घुसने से रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने की बात कही जा रही है।
दरअसल, लालढांग क्षेत्र जंगल से सटा हुआ है। पीली पड़ाव गांव के पास ही किसान कालेराम के खेत में मधुमक्खियों की पेटियां रखी हुई हैं। भालू को शहद बेहद पसंद होता है, ऐसे में माना जा रहा है कि मधुमक्खियों और शहद की तलाश में ही भालू खेतों और गांव की ओर आ रहा है।
ग्रामीण सुरेन्द्र सिंह ने बताया कि पिछले करीब एक महीने से भालू दिन के समय भी गांव में आ जाता है और पूरे क्षेत्र में घूमता रहता है। कई बार वह घरों के पास तक पहुंच चुका है, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है।वहीं, ग्राम प्रधान शशिपाल सिंह झंडवाल ने कहा कि गांव में जंगली जानवरों की आवाजाही रुकने का नाम नहीं ले रही है। पहले गुलदार और हाथियों की समस्या थी और अब भालू ने भी गांव में दस्तक दे दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि वन विभाग जंगली जानवरों को आबादी क्षेत्र में घुसने से रोकने में नाकाम साबित हो रहा है। ग्रामीणों की मांग है कि गुलदार, हाथी और भालू—तीनों की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए, क्योंकि इनसे जान का खतरा तो है ही, साथ ही लोग अपने खेतों में भी नहीं जा पा रहे हैं।
इस संबंध में श्यामपुर रेंज के रेंज अधिकारी विनय राठी ने बताया कि एक किसान द्वारा खेत में मधुमक्खियों की पेटियां रखी गई हैं, जिसकी वजह से भालू वहां आ रहा है। किसान को पेटियां हटाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि भालू को गांव में आने से रोका जा सके। साथ ही गांव में वनकर्मियों की गश्त बढ़ा दी गई है और जल्द ही समस्या के समाधान का आश्वासन दिया गया है।
