26 सालों में गैरसैंण ग्राम पंचायत से ग्रीष्मकालीन राजधानी तक का सफर।
गैरसैंण-09 मार्च 2026
रिपोर्ट-प्रेम संगेला।
राज्य गठन के 26 सालों में जहां गैरसैंण ने एक ग्राम पंचायत से ग्रीष्मकालीन राजधानी तक का सफर तय किया , वहीं इस दौरान गैरसैंण क्षेत्र को विकास कर भी कई लाभ मिले।
इन 26 वर्षों में तीन विधायकों में शामिल अनिल नौटियाल, स्वर्गीय अनुसूया प्रसाद मैखुरी ओर सुरेंद्र सिंह नेगी ने अपने प्रयासों से क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया । वर्तमान विधायक अनिल नौटियाल तीसरी बार विधायक हैं ,उनके पूर्व के कार्यकाल में 2002 में भगत सिंह कोश्यारी की सरकार में डिग्री कॉलेज की स्थापना ,भुवन चंद्र खंडूरी सरकार में 2009 में नवोदय विद्यालय की स्थापना, वर्तमान में गैरसैंण के लिए महत्वाकांक्षी सिलकोट पेयजल योजना का निर्माण, गैरसैंण बाजार की सड़क निर्माण के साथ ही पूर्व में धुनारघाट -बाटाधार ,कंडारीखोड,कुनीगाड के दुर्गादेवी ,माईथान-चौखुटिया जैसी बडी सडकों के साथ ही कई गांवों को सड़क सुविधा से जोडने व स्कूलों के उच्चीरण में योगदान रहा।
वर्तमान में मेहलचोरी-हरगढ़ में भरसार इकाई के लिए भवन निर्माण की उपलब्धि भी शामिल है।
2012 से 2017 तक विधायक रहे स्वर्गीय डॉक्टर अनुसूया प्रसाद मैखुरी ने विजय बहुगुणा व हरीश रावत की सरकारों के दौरान विधानसभा की स्थापना में सक्रिय भूमिका निभाई ।उन्होंने मेहलचौरी हरगढ़ में भरसार की स्थापना ,गैरसैंण पॉलिटेक्निक, गैरसैण थाना ,पीडब्ल्यूडी व विद्युत विभाग के खंड कार्यालयों की स्थापना करवायी । आदिबद्री तहसील व गैरसैंण को नगर पंचायत का दर्जा दिलाना उनके महत्वपूर्ण कार्यों में शामिल रहा ।इस दौरान गैरसैंण क्षेत्र की विधुत व्यवस्थाओं के अपग्रेडेशन के कार्य भी सम्पादित हुए।
वहीं 2017 से 2022 के दौरान विधायक रहे गैरसैंण निवासी सुरेंद्र सिंह नेगी ने जहां क्षेत्र की लंबे समय से लंबित ग्रामीण सड़कों में शामिल स्यूणी तल्ली ,स्यूणी मल्ली ,मेहरगांव,लखेडी , निगलाणी ,पंचाली ,कुनीगाड -रामपुर जैसे दुरुस्त क्षेत्रों को सड़क सुविधा से जोड़ने का महत्वपूर्ण काम किया ।वहीं गैरसैंण के खेल मैदान सहित गैरसैंण नगर में तमाम ढांचागत सुविधाओं के विस्तार में महत्वपूर्ण योगदान दिया ।
अब क्या है गैरसैंण की दरकार ?⤵️
एक तरफ जहां गैरसैंण को स्थाई राजधानी घोषित करने की मांग लंबे समय से चली आ रही है ,वहीं गैरसैंण क्षेत्र की मूलभूत जरूरतों को पूरा करने के लिए भी समय -समय पर कई मांगे उठती रही हैं ।जिनमें मुख्य रूप से गैरसैंण को जिला बनाए जाने ,गैरसैंण में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना ,सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को आधुनिक चिकित्सा उपकरणों से लैस करने , हरगढ़ स्थित भरसार केंद्र में डिग्री व डिप्लोमा कोर्स शुरू किए जाने,गैरसैंण-मेहलचौरी-आदिबद्री में पार्किंग व्यवस्था ,सहित गैरसैंण झील निर्माण की मांगे प्रमुख रूप से शामिल हैं ।
