सीएम धामी ने पेश किया 111,703.21 करोड़ का बजट, पिछले साल से 10% अधिक।
गैरसैंण- 09 मार्च 2026
उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा भवन में आज से विधानसभा का बजट सत्र शुरू हो गया है। सत्र की शुरुआत सुबह 11 बजे राज्यपाल के अभिभाषण से हुई। इसमें सरकार की नीतियों,उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं का खाका सदन के सामने रखा गया है। बजट सत्र के पहले दिन राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में राज्य सरकार की पिछले एक वर्ष की उपलब्धियों के साथ-साथ आगामी योजनाओं और नीतिगत प्राथमिकताओं का उल्लेख किया है। इस अभिभाषण को सरकार के दृष्टिकोण और आगामी विकास योजनाओं की दिशा के रूप में देखा जा रहा है।
गैरसैंण में आयोजित होने वाला यह बजट सत्र राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि सरकार अपने कार्यकाल के चार साल पूरे होने की ओर बढ़ रही है। ऐसे में सरकार अपनी उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं के जरिए जनता के सामने अपना रिपोर्ट कार्ड भी पेश करेगी। वहीं बजट सत्र के दौरान विपक्ष द्वारा भी सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की संभावना जताई जा रही है। प्रदेश से जुड़े जनहित के मुद्दों, विकास कार्यों, बेरोजगारी और महंगाई जैसे विषयों पर सदन में चर्चा होने की उम्मीद है।
शहरी निकायों को 1,814.00 करोड़ रुपये आवंटित⤵️
धामी सरकार के इस कार्यकाल के आखिरी बजट में शहरी क्षेत्रों को आधुनिक बनाने के लिए शहरी निकायों को 1,814.00 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. पहाड़ी शहरों को भी आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए ‘स्मार्ट सिटी’ (पहाड़ी शहर) योजना के तहत 30.00 करोड़ रुपए दिए गए हैं. आवास विकास विभाग को अवस्थापना सुविधाओं के लिए 130.00 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
सामाजिक सुरक्षा पेंशन मद में 1,327.73 करोड़ रुपये⤵️
धामी सरकार द्वारा वृद्धों, विधवाओं और दिव्यांगों के लिए सामाजिक सुरक्षा पेंशन मद में 1,327.73 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट रखा गया है। ये राज्य के कमजोर वर्गों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। इसके साथ ही विभिन्न विभागों के माध्यम से अनुसूचित जाति-जनजाति के छात्रों की छात्रवृत्ति के लिए 43.50 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।
सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0 के लिए 598.33 करोड़ रुपये⤵️
धामी सरकार ने अपने बजट में सामाजिक कल्याण के तहत महिलाओं और बच्चों के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल की हैं। सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0 के लिए 598.33 करोड़ रुपये दिए गए हैं। प्रधानमंत्री पोषण मिशन के लिए 149.45 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। ‘मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना’ (30 करोड़), ‘आंचल अमृत योजना’ (15 करोड़) और ‘वात्सल्य योजना’ (15 करोड़) जैसी योजनाओं के माध्यम से पोषण और सुरक्षा पर सरकार ने विशेष ध्यान दिया है।
सड़कों के लिए 1,050.00 करोड़ रुपये का बजट⤵️
सीएम धामी ने बजट भाषण में कहा कि उत्तराखंड में कनेक्टिविटी सुधारने के लिए बुनियादी ढांचे पर बड़ा निवेश किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत सड़कों के जाल के लिए 1,050.00 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। सीएम ने कहा कि इसके साथ ही, सड़कों की स्थिति सुधारने के लिए ‘गड्ढा मुक्त सड़क अभियान’ हेतु हमने 400.00 करोड़ रुपये का अलग से प्रावधान किया है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत करने पर जोर
ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर धामी सरकार ने बहुत फोकस किया है। गांवों की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत पूंजीगत मद में 1,642.20 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। पंचायतों के सशक्तिकरण के लिए पंचायती राज संस्थाओं को 1,491.00 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। सीमांत क्षेत्रों के विकास के लिए ‘मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास योजना’ और ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ के लिए विशेष ध्यान दिया गया है।
अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना के लिए 600.00 करोड़ रुपये का प्रावधान⤵️
उत्तराखंड बजट में सीएम धामी ने स्वास्थ्य क्षेत्र को सरकार की मुख्य प्राथमिकताओं में से एक बताया है। अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना के लिए 600.00 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा, राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और दूरस्थ क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने पर जोर दिया गया है। सीएम धामी ने कहा कि आयुष्मान योजना के माध्यम से राज्य के नागरिकों के लिए कैशलेस इलाज की सुविधा जारी रखी जाएगी।
जेंडर बजट बढ़ा⤵️
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि महिला समानता को प्रोत्साहित करने के लिए हमने पिछले साल जेंडर बजट में 16,961 करोड़ का प्रावधान दिया था. इस साल हमने इसे बढ़ाकर 19,692 करोड़ दो लाख का बजट प्रावधान किया जा रहा है।
धामी सरकार ने 111,703.21 करोड़ का बजट पेश किया⤵️
उत्तराखंड का अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश। मुख्यमंत्री धामी ने सदन में पेश किया बजट धामी सरकार ने 111,703.21 करोड़ (1 लाख 11 हजार 703 करोड़) का बजट किया पेश। पिछले वर्ष के मुकाबले 10 प्रतिशत अधिक है इस बार का बजट।
