विवाहिता को 10 माह तक बंधक बनाकर प्रताड़ित करने का आरोप,पति-सास-ससुर के खिलाफ मुकदमा दर्ज।
देहरादून:- 04 जून 2026
देहरादून से एक होश उड़ा देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला के साथ ससुरालियों ने क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं,सेलाकुई थाना क्षेत्र में ससुरालियों ने विवाहिता को करीब दस महीने तक कमरे और शौचालय में बंद रखा,जहां उसके साथ जानवरों जैसे बर्ताव किया गया है। आरोप है कि आरोपियों ने महिला के सिर के बाल तक उखाड़े हैं। पुलिस ने पीड़िता के पिता की तहरीर पर संबंधित धाराओं मे मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
उत्तराखण्ड की राजधानी देहरादून के सेलाकुई क्षेत्र से एक बेहद संवेदनशील और चिंताजनक मामला सामने आया है। एक विवाहिता के मायके पक्ष ने उसके पति, सास और ससुर पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि उनकी बेटी को पिछले लगभग दस महीनों से अमानवीय परिस्थितियों में रखा गया तथा उसके साथ लगातार शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न किया गया।
पीड़िता के पिता द्वारा पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार उनकी बेटी का विवाह राहुल खंडूड़ी से हुआ था। आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद से ही ससुराल पक्ष का व्यवहार उसके प्रति कठोर होता चला गया और धीरे-धीरे प्रताड़ना का स्तर बढ़ता गया।
शिकायत में कहा गया है कि विवाहिता को घर के एक कमरे और शौचालय तक सीमित कर दिया गया था तथा उसे सामान्य जीवन जीने की स्वतंत्रता नहीं दी जा रही थी।परिजनों का आरोप है कि महिला के साथ नियमित रूप से मारपीट की जाती थी। उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था, अपशब्द कहे जाते थे और लगातार डराने-धमकाने का माहौल बनाया गया। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि प्रताड़ना के दौरान उसके बाल तक खींचे गए, जिससे उसके सिर का एक हिस्सा प्रभावित हो गया। साथ ही उसे कथित तौर पर जान से मारने की धमकियां भी दी जाती थीं।
मायके पक्ष का कहना है कि काफी समय तक उन्हें बेटी की वास्तविक स्थिति की जानकारी नहीं मिल सकी। जब उन्हें पूरे घटनाक्रम का पता चला तो उन्होंने तत्काल पुलिस से संपर्क कर कार्रवाई की मांग की। मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में भी चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
सेलाकुई थाना पुलिस ने पीड़िता के पिता की तहरीर के आधार पर आरोपी पति, सास और ससुर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी लोकपाल परमार ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों, गवाहों के बयान और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बताया कि तहरीर के आधार पर आरोपी पति, सास-ससुर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2), 351(2),127 (4)और 352 के तहत मुकदमा अपराध संख्या 68/26 पंजीकृत कर लिया गया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए गहनता से विवेचना की जा रही है।
यह मामला एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा और घरेलू हिंसा जैसे गंभीर मुद्दों को सामने लाया है। फिलहाल पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी, जबकि पीड़िता के परिजन दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस जांच के निष्कर्षों पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
