देहरादून के व्यापारी सुसाइड केस में सुसाइड नोट के आधार पर 10 लोगों पर मुकदमा दर्ज।
देहरादून:-27 जुलाई 2026
शहर के पटेल नगर थाना क्षेत्र स्थित कारोबारी ग्रांट में एक कारोबारी की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने सुसाइड नोट के आधार पर 10 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।आत्महत्या करने वाले कारोबारी के बेटे का आरोप है कि उसके पिता को लंबे समय से मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था और लगातार धमकियां दी जा रही थी। इसी प्रताड़ना से परेशान होकर उन्होंने 23 जुलाई को आत्महत्या कर ली। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, कारबारी ग्रांट निवासी मानवेंद्र सिंह रावत ने कोतवाली पटेल नगर में 24 जुलाई को शिकायत दर्ज कराई कि उनके पिता गंभीर सिंह रावत को कुछ लोग लगातार मानसिक रूप से परेशान कर रहे थे।आरोप है कि उन्हें बार-बार धमकियां दी जा रही थी। जिससे वे लंबे समय से तनाव में थे।पीड़ित का कहना है कि इसी मानसिक दबाव के कारण उनके पिता ने आत्मघाती कदम उठाया।शिकायत में यह भी कहा गया है, कि आत्महत्या से पहले उन्होंने एक कथित सुसाइड नोट छोड़ा था। इस नोट में बाकर अली, पंकज थपलियाल, साबिर अली, आजाद अली, गंगा प्रसाद बलोदी, नीरज गुप्ता, वासुदेव सिंह बिष्ट, विनोद जायसवाल, मुराद अली और पूनम शर्मा के नाम लिखे गए हैं। बेटे का आरोप है कि इन लोगों की प्रताड़ना से तंग आकर उसके पिता ने आत्महत्या की। मानवेंद्र सिंह रावत ने यह भी आरोप लगाया कि, शिकायत के बाद नामजद आरोपी उस पर और उसके परिवार पर केस वापस लेने का दबाव बना रहे हैं। साथ ही परिवार को जान से मारने की धमकियां भी दी जा रही हैं। पीड़ित ने पुलिस से परिवार की सुरक्षा की मांग की है।
कोतवाली पटेल नगर प्रभारी,विनोद गुसाईं ने बताया कि,गंभीर सिंह रावत के बेटे मानवेंद्र सिंह रावत की शिकायत के आधार पर 10 नामजद आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 108 (आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण) और धारा 351(2) (आपराधिक धमकी) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की जांच उपनिरीक्षक रफत अली को सौंपी गई है। साथ ही सुसाइड नोट सहित सभी उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे,उनके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
