तो क्या गैरसैण की डगर पर निकल पड़ी धामी सरकार,अगस्त में भराडीसैण में मानसून सत्र की कवायद।
गोपेश्वर :-05 अगस्त 2026
रिपोर्ट:-रजपाल बिष्ट
लगता है चमोली जिला प्रशासन की तैयारी के चलते इस बार भी ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैण में ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार मानसून सत्र का आयोजन करने जा रही है। इस तरह यदि इस बार भी मौसम की विपरीत परिस्थितियों के बीच विधानसभा भवन भराडीसैण में मानसून सत्र का आयोजन होता है तो यह धामी सरकार का तीसरा मानसून सत्र संचालित होगा।
मौजूदा 2026 के साल में ही उत्तराखंड सरकार ने गैरसैण में बजट सत्र का आयोजन किया था। इसके चलते माना जा रहा था कि अबकी बार मानसून सत्र देहरादून में ही आयोजित होगा। इस बीच चमोली जिला प्रशासन भराडीसैण में मानसून सत्र की तैयारी में जुट गया है। जिलाधिकारी गौरव कुमार की अध्यक्षता में मानसून सत्र की तैयारियों को लेकर बैठक भी हो गई है। इसमें संबंधित विभागों से तैयारियों को समय पूर्व संचालित करने को कह दिया गया है।
वैसे 2024 में भी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार ने मौसम के बिगड़े मिजाज के बीच भराड़ीसैण में मानसून सत्र का आयोजन किया था। 2014 में हरीश रावत सरकार ने गैरसैण में विधानसभा सत्रों की शुरूआत की थी। इस बीच किसी भी सरकार ने गैरसैण में मानसून सत्र का आयोजन नहीं किया था। हालांकि इस बीच बजट सत्र और शीतकालीन सत्र गैरसैण में आयोजित होते रहे हैं। 2024 में भराडीसैण में बजट सत्र नहीं हुआ था तो धामी सरकार ने मानसून सत्र का आयोजन कर एक नई शुरूआत की थी। 2025 में भी भराड़ीसैण में सरकार ने मानसून सत्र का आयोजन किया था। तब बजट सत्र भी गैरसैण में नहीं हुआ था। इस बार तो बजट सत्र भराडीसैण में चला था तो मानसून सत्र देहरादून में ही आयोजित होने की संभावना बनी थी।
यकायक गैरसैण में बजट सत्र को लेकर जिला प्रशासन की तैयारियों से इस बात के संकेत मिल गए हैं कि सरकार मानसून सत्र भी भराडीसैण में ही आयोजित करने का मन बना चुकी है। समझा जा सकता है कि सरकार विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच गैरसैण में मौजूदा साल में ही दो सत्र आयोजित कर गैरसैण कार्ड खेलने की दिशा में आगे बढ रही है। इस कार्ड के जरिए सरकार गैरसैण का हितैषी होने का इरादा जता कर पर्वतीय जनमानस की वाहवाही लूटने की दिशा में आगे बढ़ने लगी है। राजनीतिक प्रेक्षक गैरसैण में मानसून सत्र के आयोजन को इसी रूप में देख रहे हैं। कहा जा सकता है कि सरकार अब गैरसैण की डगर पर चल पड़ी है। इसके चलते ही जब मानसून पहाड़ों में भी अपने बिगड़े बोल रहा है तो गैरसैण में मानसून सत्र का आयोजन करने से सरकार अपने गैरसैण के मिशन को सियासी वाहवाही का हथियार भी बनाने में जुट गई है। यह अलग बात है कि इसके लिए अभी तक सरकार की ओर से कोई संकेत नहीं मिले हैं और ना ही इसके लिए सरकारी स्तर से औपचारिक प्रक्रिया अपनाई गई है।
2014 से शुरू हुई थी सत्रों की शुरूआत
वर्ष 2014 में गैरसैण में तंबुओं से विधानसभा सत्र की शुरूआत हुई थी। यह सिलसिला अब तक जारी है। हालांकि हरीश रावत सरकार ने जाते-जाते गैरसैण में एक सत्र आयोजित करने का फैसला लिया था। इसके चलते गैरसैण में विधान सभा का कोई न कोई सत्र आयोजित होता चला आ रहा है। इसके इतर मुख्यमंत्री के रूप में पुष्कर सिंह धाम ने पहली बार 4 जुलाई 2021 को राज्य की कमान संभाली तो विधानसभा सत्रों के अलावा वे स्वाधीनता दिवस, राज्य स्थापना दिवस तथा गणतंत्र दिवस पर भराडीसैण स्थित विधानसभा परिसर में अपनी आमद देते आ रहे है। वह 23 मार्च 2022 तक सीएम के रूप में पहली पारी खेल चुके हैं और इसके बाद वह दूसरी पारी अब तक खेल रहे है।
2021 में राज्य के मुख्यमंत्री की कमान संभालते ही उन्होंने 15 अगस्त 2021 को भराडीसैण विधानसभा परिसर में आयोजित स्वाधीनता दिवस में प्रतिभाग कर गैरसैण के प्रति अपनी सरकार का प्रेम जाहिर किया। इसके बाद 9 नवम्बर 21 को राज्य स्थापना दिवस पर धामी भराड़ीसैण पहुंचें। वर्ष 2022 के 23 मार्च को सीएम के रूप में अपनी दूसरी पारी की शुरूआत की तो विधानसभा का बजट सत्र देहरादून में आयोजित हुआ। इसके बाद 9 नवंबर 2022 को राज्य स्थापना दिवस भराड़ीसैण में मनाने के लिए पहुंचे।
2022 में शीतकालीन सत्र दिसम्बर में आयोजित करने का फैसला तो हुआ किंतु भारी ठंड और जरूरी सुविधाओं के अभाव में यह सत्र टाल दिया गया। 2023 में गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में शामिल होने सीएम धामी भराड़ीसैण आए फिर गैरसैण में 13 से 18 मार्च तक बजट सत्र का आयोजन हुआ और पूरी सरकार भराडीसैण में जम गई। यह सिलसिला आगे बढ़ाते हुए 15 अगस्त तथा 9 नवम्बर को स्थापना दिवस भराड़ीसैण में मनाने सीएम पहुंचे।
2024 में लोकसभा चुनाव के चलते बजट सत्र को देहरादून में ही आयोजित किया गया। फिर इसी साल 19 से 22 अगस्त तक गैरसैण में पहली बार मानसून सत्र का आयोजन हुआ तो धामी सरकार समेत सभी माननीय भराडीसैण की फिजाओं में डेरा डाल बैठे। राज्य स्थापना दिवस को मनाने सीएम 9 नवम्बर को गैरसैण आए।
साल 2025 में विधान सभा का बजट सत्र फरवरी माह में देहरादून में आयोजित किया गया। इसके चलते अब मानसून सत्र 19 से 22 अगस्त तक गैरसैण में प्रस्तावित किया गया है। इस बार स्वतंत्रता दिवस पर बतौर मुख्य अतिथि प्रभारी मंत्री धनसिंह रावत ने भराड़ीसैण में झंडा फहराया। यह स्थिति दर्शा रही है कि 2021 में मुख्यमंत्री बनने के बाद धामी सरकार गैरसैण की डगर पर निकल पड़ी थी। यह सिलसिला अब तक जारी है।
भराड़ीसैण विधान सभा भवन में अगस्त माह के अंतिम सप्ताह में शुरू होने की संभावना के चलते मानसून सत्र को इसी रूप में देखा जा रहा है। ऐसा इसलिए भी कि पर्वतीय जनमानस आपदा और मौसम के बिगडे मिजाज के बीच पहाड़ों में ही कठिन परिस्थितियों में रह रहा है। सरकार ने भी इसी के चलते पहाडी जनमानस की परिस्थितियों के अनुसार ढलने को गैरसैण की राह पकड़ी है।
गैरसैण को स्थाई राजधानी बनाए जाने की वकालत 1994 के राज्य निर्माण आंदोलन के दौरान होने लगी थी। 9 मई 2012 को तत्कालीन मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा की सरकार ने गैरसैण में 2 अक्टूबर को कैबिनेट बैठक के आयोजन की घोषणा की थी। टिहरी उप चुनाव के चलते कैबिनेट बैठक 3 नवम्बर 2012 को गैरसैण में आयोजित हुई। इसी दिन गैरसैण में विधान सभा भवन बनाने का ऐतिहासिक फैसला किया गया। 14 जनवरी 2013 को गैरसैण में विधानसभा भवन का शिलान्यास हुआ। 9 नवम्बर 2013 तत्कालीन स्पीकर गोविंद सिंह कुंजवाल तथा डिप्टी स्पीकर डा. अनुसूया प्रसाद मैखुरी ने विधानसभा भवन का भराडीसैण में भूमिपूजन किया। 12 जनवरी 2014 को तत्कालीन सीएम हरीश रावत ने भराडीसैण में मिनी सचिवालय बनाए जाने की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने गैरसैण विकास परिषद के गठन का ऐलान किया। गैरसैण की यह यात्रा आगे बढ़ती गई और 9-11जून 2014 तक गैरसैण में तंबुओं में पहली बार विधान सभा सत्र संचालित हुआ। फिर 3 नवम्बर 2015 से गैरसैण के पाॅलिटेक्निक में विधान सभा सत्र की शुरूआत की गई। इसी क्रम में 17-18 नवम्बर 2016 को भराडीसैण विधान सभा भवन में पहली बार विधान सभा सत्र की शुरूआत की गई। 7-8 दिसम्बर 2017 में भराडीसैण में शीतकालीन सत्र संचालित हुआ। बजट सत्र 20-26 मार्च 2018 तक भराडीसैण में ही चला। 3 मार्च 2020 से भराडीसैण में फिर बजट सत्र चला। 4 मार्च 2020 को तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने गैरसैण ग्रीष्मकालीन राजधानी की घोषणा की। सीएम रावत ने 9 नवम्बर 2020 को गैरसैण ग्रीष्मकालीन राजधानी के विकास के लिए 25 हजार करोड के पैकेज का ऐलान किया।
