देहरादून-नैनीताल समेत 4 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट,IMD ने की चेतावनी जारी।
देहरादून:-10 अगस्त 2026
रिपोर्ट-डा.जयदेव पंवार
उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार सोमवार को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में भारी बारिश के साथ गरज-चमक होने की संभावना है। मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है।
उत्तराखंड में मौसम का मिजाज अगले 24 घंटे में और तल्ख हो सकता है। मौसम विभाग ने सोमवार को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में वर्षा और गर्जन के साथ बौछारों की संभावना जताई है। वहीं, देहरादून, बागेश्वर, नैनीताल और चंपावत में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान इन सभी जिलों में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग के अनुसार इन चार जिलों में कहीं-कहीं आकाशीय बिजली चमकने के साथ वर्षा का अति तीव्र से अत्यंत तीव्र दौर हो सकता है.इसके अलावा उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग,चमोली, टिहरी, पौड़ी, पिथौरागढ़ और ऊधमसिंह नगर में कहीं-कहीं भारी वर्षा की आशंका है।
देहरादून स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार आज सोमवार 10 अगस्त को उत्तराखंड के अधिकांश स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। केंद्र ने आज देहरादून, बागेश्वर, नैनीताल और चंपावत जिलों के कुछ क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं, प्रदेश के अन्य जिलों में भी कई स्थानों पर तेज बारिश के दौर के साथ गरज और बिजली चमकने की संभावना है। इन क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग के अनुसार उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, टिहरी, पौड़ी, पिथौरागढ़ और ऊधमसिंह नगर में भी कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। बारिश के दौरान पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क बाधित होने जैसी परिस्थितियों का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
इन जिलों समेत प्रदेश के शेष हिस्सों में गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने और तीव्र से अति तीव्र वर्षा के दौर को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम वैज्ञानिकों ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम की स्थिति पर नजर रखने की अपील की है। विशेष रूप से पर्वतीय और संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए संवेदनशील पर्वतीय क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। भारी वर्षा के दौरान भूस्खलन, सड़क अवरुद्ध होने और नदी-नालों के जलस्तर बढ़ने की स्थिति पैदा हो सकती है।
