उत्तराखंड: भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट,आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तरह सतर्क।
देहरादून:-10 अगस्त 2026
उत्तराखंड में मानसूनी बारिश का दौर लगातार जारी है। मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में भारी से अति-भारी बारिश की संभावना व्यक्त करते हुए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। चार प्रमुख जिलों- देहरादून, बागेश्वर, चंपावत और नैनीताल में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। आपदा प्रबंधन विभाग और स्थानीय प्रशासन स्थिति पर लगातार नज़र बनाए हुए हैं।
राज्य में पिछले 24 घंटों के दौरान देहरादून समेत कई इलाकों में 100 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की गई है। आंकड़ों के अनुसार देहरादून के हाथीबड़कला में 116 मिलीमीटर, पिथौरागढ़ में 110 मिलीमीटर, डीडीहाट में 90 मिलीमीटर और विकासनगर में 68 मिलीमीटर बारिश हुई है। भारी बारिश के चलते रायसी, रंगापानी और थल क्षेत्रों में नदियां चेतावनी स्तर (Warning Level) के आसपास बह रही हैं।चारधाम यात्रा और यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने आवश्यक एडवाइजरी जारी की है।
विनोद कुमार सुमन, सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास ने कहा कि,यात्रा चल रही है और यात्रा के लिए डिटेल में हम लोगों ने एडवाइजरी जारी करी है। लोगों से अनुरोध करूंगा कि एडवाइजरी का पालन करें, जिस समय बरसात हो रही है उस समय ट्रेवल करने से बचें। जहां गदेरे या पानी बहने की संभावना है, फिसलन है, ऐसी जगह जाने से बचें।”
बारिश के बावजूद राहत की बात यह है कि चारधाम यात्रा मार्ग और सभी मुख्य राष्ट्रीय राजमार्ग सुचारू रूप से खुले हुए हैं। राज्य में बारिश और भूस्खलन से प्रभावित हुई 1,700 से अधिक सड़कों को खोल दिया गया है, जबकि बंद पड़ी शेष ग्रामीण सड़कों को तेज़ी से खोलने का कार्य जारी है।इसके साथ ही, भविष्य की आपदाओं से बचाव के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। धराली आपदा के बाद मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के निर्देशों पर उपग्रह तस्वीरों यानी ‘सैटेलाइट इमेजरी’ के ज़रिये संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान की गई है।
प्रथम चरण में पिथौरागढ़, चमोली और उत्तरकाशी के संभावित जोखिम वाले क्षेत्रों को चिन्हित कर सूची संबंधित जिलाधिकारियों (DMs) के साथ साझा की गई है, ताकि ग्राउंड ट्रुथिंग कर अग्रिम रणनीति बनाई जा सके।
विनोद कुमार सुमन ने कहा कि,धराली में जो आपदा आई थी, उसके बाद से सैटेलाइट इमेजरी के माध्यम से हमारी टीम ने स्टडी किया है कि ऐसी स्थिति कहाँ-कहाँ उत्पन्न हो सकती है। प्रथम चरण में पिथौरागढ़, चमोली और उत्तरकाशी जनपद के भाग शामिल हैं। तीनों DM के साथ मीटिंग करके ग्राउंड ट्रुथिंग करने को कहा है, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति बनने पर नुकसान कम से कम हो।”
प्रशासन ने आम जनता और तीर्थयात्रियों से अपील की है कि वे मौसम विभाग व आपदा प्रबंधन द्वारा जारी एडवाइजरी का कड़ाई से पालन करें। बारिश के दौरान जलभराव, नदियों के किनारे और संवेदनशील ढलानों वाले क्षेत्रों में जाने से बचें तथा सुरक्षित स्थानों पर रहें।
