बागेश्वर में प्रसव के बाद महिला ने तोड़ा दम,परिजनों ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठाए सवाल।
गरुड़ (बागेश्वर):-10 अगस्त 2026
उत्तराखंड के बागेश्वर जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आ रही है, जहाँ पर प्रसव के बाद एक महिला की मौत से परिवार में मातम छा गया। दरअसल गरुड़ क्षेत्र की भावना देवी ने बैजनाथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया था। डिलीवरी के कुछ ही समय बाद उनकी हालत अचानक बिगड़ गई। अत्यधिक रक्तस्राव के बाद उन्हें जिला अस्पताल बागेश्वर ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों के प्रयासों के बावजूद उनकी जान नहीं बच सकी।
जानकारी के मुताबिक, रविवार शाम करीब 5:30 बजे भावना देवी को प्रसव पीड़ा शुरू हुई थी। ग्राम सिमसाल की आशा कार्यकर्ता उन्हें निजी वाहन से बैजनाथ सीएचसी लेकर पहुंचीं। रात करीब 7:32 बजे महिला ने एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया। डिलीवरी के लगभग एक घंटे बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी।उनका ब्लड प्रेशर बढ़ गया और उन्हें काफी रक्तस्राव होने लगा। इसके साथ ही उन्हें चक्कर आने लगे। बताया गया कि महिला में पहले से ही खून की कमी थी और यह उनकी छठवीं गर्भावस्था थी, इसलिए गर्भावस्था को हाई रिस्क माना गया था। महिला की स्थिति लगातार गंभीर होने पर सीएचसी में प्राथमिक उपचार दिया गया। इसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें रात करीब 8:30 बजे जिला अस्पताल बागेश्वर रेफर कर दिया। 108 एंबुलेंस की मदद से उन्हें करीब 10:30 बजे जिला अस्पताल पहुंचाया गया। जिला अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने महिला का उपचार शुरू किया। उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट देने के साथ रक्त चढ़ाया गया और आईसीयू में भर्ती किया गया। चिकित्सकों की टीम ने हालत नियंत्रित करने के लिए काफी प्रयास किए, लेकिन उनकी स्थिति में सुधार नहीं हो सका।
तमाम कोशिशों के बावजूद भावना देवी की देर रात करीब 12:25 बजे मौत हो गई। चिकित्सकों के अनुसार, महिला की हालत अत्यधिक रक्तस्राव के कारण गंभीर हुई थी। इस घटना के बाद परिवार में दुख का माहौल है और नवजात बेटे के सिर से मां का साया उठ गया। घटना के बाद महिला के चचेरे भाई चंदन सिंह ने सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि बैजनाथ सीएचसी में पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने के कारण महिला को गंभीर स्थिति में जिला अस्पताल भेजना पड़ा। उन्होंने व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए अस्पतालों के केवल रेफरल सेंटर बनकर रह जाने का आरोप लगाया।
मामला सामने आने के बाद बागेश्वर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आदित्य तिवारी ने पूरे प्रकरण की रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने मामले की जांच के निर्देश भी दिए हैं। सीएमओ का कहना है कि महिला को उपलब्ध आवश्यक चिकित्सा सेवाएं दी गई थीं और इलाज में कोई कमी नहीं बरती गई। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार महिला की मौत का प्रमुख कारण अत्यधिक रक्तस्राव बताया गया है। अब जांच रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इलाज के दौरान किसी स्तर पर लापरवाही हुई थी या नहीं।
