उत्तराखंड़ में 31 यात्रियों की क्षमता वाली बस में मिले 168 यात्री, टूटा ट्रेन का रिकॉर्ड।
रुद्रपुर (ऊधमसिंह नगर):-12 अगस्त 2026
उत्तराखंड में लगातार बढ़ते सड़क हादसों के बीच सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी का एक चौंकाने वाला मामला राज्य के उधमसिंह नगर जिले से सामने आ रहा है। जहां परिवहन विभाग ने रुद्रपुर में देर रात अभियान के दौरान एक निजी बस को पकड़ा, जिसमें निर्धारित क्षमता से कई गुना अधिक यात्री सफर कर रहे थे। जांच में बस में कुल 168 यात्री मिले, जबकि वाहन को केवल 30 स्लीपर और एक सीट यानी कुल 31 यात्रियों के लिए स्वीकृति मिली हुई थी। इस विहंगम दृश्य को देखकर मौके पर मौजूद लोग यह कहते हुए नहीं चूके कि ये बस है या ट्रेन। क्योंकि ट्रेन के एक कोच में भी करीब 150 यात्री होते हैं। फिलहाल गंभीर अनियमितताएं मिलने पर विभाग ने बस को सीज कर दिया।
संभागीय परिवहन अधिकारी अरविंद पांडेय के निर्देश पर सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी नवीन सिंह के नेतृत्व में परिवहन विभाग की टीम ने बुधवार देर रात रुद्रपुर के लालपुर क्षेत्र में विशेष जांच अभियान चलाया। रात करीब एक बजे टीम ने बस संख्या (NL-02B-3020) को रोककर दस्तावेज और यात्रियों की जांच की। जांच के दौरान परिवहन कर अधिकारी जितेंद्र सिंगवान और प्रभारी सुतैया सचल दल ने पाया कि बस में 138 वयस्क और 30 बच्चे, यानी कुल 168 यात्री सवार थे। जांच में यह भी सामने आया कि बस बिना वैध टैक्स और परमिट के संचालित की जा रही थी। इतना ही नहीं, निर्धारित क्षमता से कई गुना अधिक यात्रियों को बैठाकर लंबी दूरी का सफर कराया जा रहा था। बस लखीमपुर खीरी से अंबाला, लुधियाना, खन्ना और जालंधर की ओर जा रही थी। परिवहन विभाग ने ओवरलोडिंग, बिना टैक्स, बिना परमिट और अन्य नियमों के उल्लंघन के आरोप में बस का चालान करते हुए उसे रुद्रपुर रोडवेज स्टेशन में सीज कर दिया। कार्रवाई के बाद यात्रियों को बीच रास्ते परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए परिवहन निगम की ओर से तत्काल वैकल्पिक बस की व्यवस्था की गई। सहायक महाप्रबंधक मधुसूदन मिश्रा के सहयोग से सभी यात्रियों को सुरक्षित गंतव्य तक भेजने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई। इस अभियान में राजीव तिवारी, परिवहन आरक्षी दिनेश सिंह, नंद राम तथा सचल दल के चालक सहित अन्य कर्मचारी भी शामिल रहे।
परिवहन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे क्षमता से अधिक यात्रियों को लेकर चलने वाले वाहनों में यात्रा करने से बचें। विभाग का कहना है कि ऐसे वाहन किसी भी दुर्घटना की स्थिति में यात्रियों के लिए बड़ा खतरा साबित हो सकते हैं. अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा से समझौता करने वाले और परिवहन नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ आगे भी सघन अभियान जारी रहेगा,ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
स्वीकृत क्षमता — 30 स्लीपर + 1 सीट
वयस्क यात्री — 138
बच्चे — 30
कुल यात्री — 168
लेकिन इस कार्रवाई ने पीछे कई सवाल छोड़ दिए हैं.31 की क्षमता वाली बस में 168 यात्री चढ़े कैसे? लखीमपुर खीरी से चली बस रुद्रपुर तक पहुंची कैसे? और रास्ते में ये ‘चलती-फिरती जनरल बोगी’ किसी की नजर में क्यों नहीं आई?
