गैरसैंण के मेहलचौरी में सर्पदंश की दो घटनाएं,प्राथमिक उपचार के बाद मामलों की गंभीरता देख श्रीनगर किया गया रेफर।

गैरसैंण के मेहलचौरी में सर्पदंश की दो घटनाएं,प्राथमिक उपचार के बाद मामलों की गंभीरता देख श्रीनगर किया गया रेफर।

108 एम्बुलेंस खराब,टैक्सी बुक करा कर मरीज को पहुंचाया गया अस्पताल।

मेहलचौरी (गैरसैंण):-12 अगस्त 2026
रिपोर्ट:-प्रेम संगेला.

बरसात और उमस भरे मौसम के चलते सर्पदंश की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। बुधवार को विकासखंड गैरसैंण के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सर्पदंश के दो मामले सामने आए हैं.जिनमें उपचार के बाद मामलों की गंभीरता को देख दोनों मरीजों को श्रीनगर रेफर कर दिया गया है। घास काटने के दौरान मेहलचौरी की अनीता देवी 54 वर्ष ओर देवकी देवी 36 वर्ष को सांप ने काट लिया।

108 एम्बुलेंस के एक बार फिर खराब होने से मेहलचौरी क्षेत्र के दोनों मरीजों को परिजन प्राईवेट वाहन बुक करा अस्पताल पहुंचे।जहां दोनों महिला मरीजों को उपचार के बाद श्रीनगर रेफर कर दिया गया है।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गैरसैंण के अधीक्षक डॉ अर्जुन रावत ने बताया कि बुधवार को सर्पदंश की शिकार दो महिला मरीज अस्पताल आए थे,जिन्हें तुरंत एंटी स्नेक वेनम के इंजेक्शन देकर उपचार किया गया। जिसके बाद जहां एक मरीज के हाथ में सूजन व दर्द की शिकायत को देखते हुए श्रीनगर रेफर कर दिया गया, वहीं दूसरे मरीज की हालत स्थिर होने के बावजूद एहततियातन परिजन उन्हें श्रीनगर उपचार के लिए ले गए हैं। पिछले कई दिनों से जारी लगातार बारिश के बाद खिली धूप के बीच बढ रही उमस से सर्पदंश की घटनाएं देखने में आ रही है।

चिकित्सक की सलाह:-जिनको लेकर अर्जुन रावत ने ऐसे मौसम में जहां एक और एहतियात बरतने का उपाय बताया ,वहीं दूसरी ओर सर्पदंश की स्थिति में किए जाने वाले उपाय बताए। उन्होंने कहा की बरसात के मौसम में घरों के चारों तरफ घनी झाड़ियां व घास बड़ी मात्रा में होती है जिसकी नियमित सफाई करने के साथ ही रसायनों का छिड़काव कर सांप,बिच्छू जैसे जहरीले सरीसृपों को दूर रखा जा सकता है। वहीं पहाड़ी क्षेत्रों में घास काटने से पूर्व आवाज करते हुए ओर छोटे पत्थर फेंक कर सावधानी बरतनी चाहिए। रात को टॉर्च का उपयोग कर व पैरों में जूते पहन कर ही निकालना चाहिए। सांप के काटने की स्थिति में उन्होंने बताया की बिना घबराए ओर झाड-फूंक के चक्कर में न पड़कर काटी गई जगह को स्थिर रखने का प्रयास करना चाहिए और जल्द से जल्द नजदीकी अस्पताल पहुंचकर उपचार लेना चाहिए.

सर्पदंश की घटनाओं में गंभीर रूप से घायलों को लेकर वन विभाग के रेंजर नवल किशोर नेगी ने बताया की मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर प्रभावितों को 15 हजार तक का मुआवजा देय होता है ।

108 एम्बुलेंस सेवा के खराब होने पर प्रधान रेनू नेगी ने कहा की,108 सेवा सुचारू होती तो मौके पर ही प्राथमिक उपचार मिल जाता ।

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