चमोली के रांगतोली गांव में बरसाती नाले में मिले नवजात ने 15 दिन बाद तोड़ा दम।
चमोली:-22 अगस्त 2026
जनपद चमोली के रांगतोली गांव में बरसाती नाले से मिले नवजात की 15 दिन बाद मौत हो गई। छह अगस्त को नाले में रोते हुए मिले इस मासूम को बचाने के लिए डॉक्टरों ने पूरी कोशिश की, लेकिन उसकी हालत गंभीर होने के कारण वह जिंदगी की जंग हार गया। हैरानी की बात यह है कि नवजात को गोद लेने की इच्छा देशभर के करीब 57 हजार दंपतियों ने जताई थी।
घटना छह अगस्त की है, चमोली के पास रांगतोली गांव में एक महिला गोशाला जा रही थी। इसी दौरान उसे बरसाती नाले में एक नवजात के रोने की आवाज सुनाई दी। महिला ने जब नाले में देखा तो वहां मासूम पड़ा हुआ था। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और नवजात को जिला चिकित्सालय ले जाकर प्राथमिक उपचार कराया। इसके बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे श्रीनगर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।
श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों ने नवजात के उपचार में पूरी ताकत लगा दी। चिकित्सकों के अनुसार मासूम के दिल में छेद था। इसके अलावा वह मल्टीपल इंफेक्शन से जूझ रहा था और उसे पीलिया की भी शिकायत थी। डॉक्टरों ने करीब 15 दिनों तक नवजात को बचाने का प्रयास किया, लेकिन उसकी हालत में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका। जिला प्रोबेशन अधिकारी धनंजय लिंगवाल के अनुसार, नवजात ने गुरुवार दोपहर करीब 11 बजे दम तोड़ दिया।
इस मासूम की कहानी का सबसे भावुक पहलू यह है कि जिसे जन्म देने वाली मां ने बरसाती नाले में छोड़ दिया था, उसे अपनाने के लिए देशभर से हजारों लोग तैयार थे। जानकारी के अनुसार, करीब 57 हजार दंपतियों ने नवजात को गोद लेने के संबंध में जानकारी ली थी। मासूम के स्वस्थ होकर घर पहुंचने की उम्मीद लगाए बैठे इन परिवारों की उम्मीद अब उसकी मौत के साथ टूट गई।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि नवजात को नाले में किसने छोड़ा था। मामले में पुलिस ने मासूम का डीएनए सुरक्षित रखा है, जिससे आगे की जांच में मदद मिल सके। पुलिस के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि नवजात को जन्म देने वाली मां कौन थी और किन परिस्थितियों में मासूम को नाले में छोड़ा गया। नवजात की मौत के बाद पुलिस ने डीएनए सुरक्षित रखने के बाद उसका अंतिम संस्कार कर दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आसपास के क्षेत्रों से जानकारी जुटाई जा रही है। 15 दिन तक जिंदगी के लिए संघर्ष करने वाले इस मासूम की मौत ने पूरे मामले को और भी भावुक बना दिया है। एक ओर उसे अपनाने के लिए हजारों परिवार तैयार थे, वहीं दूसरी ओर उसकी जिंदगी शुरू होने से पहले ही उसे ऐसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ा।
