अल्मोड़ा में छात्रा से मारपीट पर प्रशासन सख्त, अतिथि शिक्षिका की सेवा समाप्त।
अल्मोड़ा:-24 अगस्त 2026
उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के राजकीय इंटर कॉलेज पुभाऊँ में छात्रा के साथ मारपीट के सामने आए मामले में प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। विद्यालय में अतिथि शिक्षिका द्वारा छात्रा की कथित पिटाई का वीडियो वायरल होने के बाद मामले की जांच कराई गई। जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर संबंधित अतिथि शिक्षिका का अनुबंध तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया है।
जिलाधिकारी ने मौके पर पहुंचकर ली जानकारी।
जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने राजकीय इंटर कॉलेज पुभाऊँ पहुंचकर पूरे मामले की जानकारी जुटाई। उन्होंने विद्यालय के प्रधानाचार्य से घटना के संबंध में विस्तार से जानकारी ली। इसके बाद संबंधित छात्रा के माता-पिता से मुलाकात कर उनका पक्ष भी जाना। जिलाधिकारी ने स्कूल के अन्य छात्र-छात्राओं से बातचीत कर घटना से जुड़ी परिस्थितियों के बारे में जानकारी हासिल की।
जांच समिति की रिपोर्ट के बाद हुई कार्रवाई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए खंड शिक्षा अधिकारी लमगड़ा और उप खंड शिक्षा अधिकारी धौलादेवी की संयुक्त समिति बनाई गई थी। समिति ने प्रकरण की जांच के बाद अपनी रिपोर्ट अधिकारियों को सौंपी। रिपोर्ट में संबंधित अतिथि शिक्षिका की सेवा समाप्त करने की संस्तुति की गई थी। इसी के आधार पर उनका अनुबंध समाप्त कर उन्हें विद्यालय की सेवा से हटा दिया गया।
बच्चों को दंड नहीं, संवाद से समझाने पर जोर।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने शिक्षकों को स्पष्ट संदेश दिया कि अनुशासन बनाए रखने के नाम पर बच्चों के साथ मारपीट या किसी भी तरह की दंडात्मक कार्रवाई को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की समस्याओं को समझने के लिए काउंसलिंग, संवाद और सकारात्मक व्यवहार को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। जरूरत पड़ने पर अभिभावकों से संपर्क कर समस्या का समाधान किया जाए।
स्कूल में खेल सुविधाएं बढ़ाने के निर्देश।
जिलाधिकारी ने विद्यार्थियों से बातचीत कर पढ़ाई के साथ-साथ विद्यालय में उपलब्ध खेल सुविधाओं की भी जानकारी ली। छात्रों ने फुटबॉल खेलने के लिए उचित मैदान की मांग रखी। इस पर जिलाधिकारी ने विद्यालय में खेल सुविधाओं के विकास और फुटबॉल के लिए आवश्यक मैदान उपलब्ध कराने को लेकर संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए।
पेयजल और स्वच्छता व्यवस्था सुधारने के आदेश।
निरीक्षण के दौरान विद्यालय की मूलभूत सुविधाओं की भी समीक्षा की गई।जिलाधिकारी ने शौचालयों की व्यवस्था बेहतर करने और स्कूल परिसर में साफ-सफाई बनाए रखने के निर्देश दिए। विद्यालय तक पहुंचने वाले मार्ग की स्थिति में सुधार के लिए भी आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया।
पेयजल व्यवस्था की समीक्षा करते हुए उन्होंने स्कूल में नियमित और पर्याप्त पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पानी के सुरक्षित भंडारण के लिए टैंक लगाने तथा पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।
महिला आयोग सदस्य ने भी जताई थी नाराजगी।
मामले को लेकर महिला आयोग की सदस्य धना धौनी ने भी नाराजगी जताई थी। उन्होंने जिलाधिकारी के साथ-साथ महिला आयोग की अध्यक्ष और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर प्रकरण में आवश्यक कार्रवाई की मांग की थी। निरीक्षण के दौरान एसडीएम सौम्या गर्ब्याल, प्रभारी मुख्य शिक्षा अधिकारी रवि मेहता समेत शिक्षा विभाग और प्रशासन के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
