पिता की मौत के पांच साल बाद बेटी जूझ रही किडनी की बीमारी से,पीड़ित परिवार की मदद को समाज ने संभाली कमान।

पिता की मौत के पांच साल बाद बेटी जूझ रही किडनी की बीमारी से,पीड़ित परिवार की मदद को समाज ने संभाली कमान।

रोशनी के इलाज के लिए करीब 15 लाख रुपये की जरूरत,रोशनी का जीवन बचाने को भाई ओर मां किडनी देने को तैयार।

ग्रामीणों से लेकर प्रवासी युवा भी कर रहे सहयोग।

मेहलचौरी (गैरसैंण)-06 सितंबर 2026
रिपोर्ट:-प्रेम संगेला

कठिन परिस्थितियों से जब बार-बार सामना हो तो इनसे पार पाना बहुत मुश्किल होता है,लेकिन ऐसे मुश्किल दौर में जब पूरा समाज साथ खड़ा हो जाए तो उम्मीद की एक नयी किरण जरूर जगाती है।

गैरसैंण के आगरचट्टी बाजार के नजदीकी गांव रामडा तल्ला निवासी 20 वर्षीय रोशनी का परिवार भी इन दिनों ऐसे ही कठिन दौर से गुजर रहा है। 2020 में कोरोना काल के दौरान पिता सुखबीर सिंह की मृत्यु के बाद परिवार किसी तरह संभला ही रहा था कि ,पांच साल बाद रोशनी किडनी की गंभीर बीमारी की चपेट में आ गई। चिकित्सकों की जांच में रोशनी की दोनों किडनियां बीमारी से प्रभावित पाई गई हैं।चिकित्सकों ने जल्द ही दोनों किडनियों के पूरी तरह निष्क्रिय होने की आशंका जताते हुए किडनी प्रत्यारोपण की सलाह दी है। यह खबर रोशनी की मां यशोदा देवी और होटल में नौकरी करने वाले 22 वर्षीय भाई विवेक के लिए किसी वज्रपात से कम नहीं थी। हालांकि होटल में काम करने वाले विवेक ने हिम्मत नहीं हारी और बहन के साथ ही मां को भी सब कुछ ठीक होने का भरोसा दिलाया।

रोशनी का उपचार पहले इंद्रेश अस्पताल देहरादून में कराया गया,इस बीच आयुष्मान कार्ड की निर्धारित सीमा समाप्त होने के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट और गहरा गया।साथ ही परिवार की थोडा बहुत जमा पूंजी भी इस दौरान खर्च हो गयी।किडनी प्रत्यारोपण की आगे के उपचार के लिए रोशनी को जौलीग्रांट अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां ममता से भरी मां यशोदा देवी और बड़ा भाई विवेक दोनों ही रोशनी को किडनी देने को तैयार हैं, जिसके लिए आवश्यक चिकित्सकीय प्रक्रिया और जांच भी चल रही है। लेकिन इसके लिए होने वाले 15 लाख के भारी भरकम खर्च ने परिवार के सामने चुनौती का एक ओर पहाड खडा कर दिया।

चिकित्सकों के अनुसार ऑपरेशन में ही करीब 8 लाख जबकि दवाओं और अन्य जरूरी उपचार को मिलाकर करीब 15 लाख रुपये तक का खर्च की संभावना है। इतनी बड़ी धनराशि जुटाना सामान्य परिवार के लिए बेहद मुश्किलों भरा काम था। ऐसे में गांव के जागरूक लोगों ने विवेक को हरसंभव मदद का भरोसा देते हुए रोशनी का इलाज जारी रखने की बात कही,जिसके बाद गांव के लोगों ने अपनी-अपनी क्षमतानुसार छोटी-छोटी धनराशि एकत्र कर परिवार को सौंपी,तो निराश के दौर से गुज़र रहे परिवार को थोडा हिम्मत मिली।

गांव की पहल को देख क्षेत्र के लोगों ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से क्राउड फंडिंग (सामूहिक सहयोग) की अपील शुरू की,जिसके बाद स्थानीय लोगों सहित विदेशों में नौकरी करने वाले प्रवासी युवा भी अपने स्तर से सहयोग कर रहे हैं। वहीं गैरसैंण क्षेत्र की कई ग्राम पंचायतों की महिला मंगल दलों सहित स्कूली छात्र-छात्राएं भी सहयोग राशि एकत्र कर रोशनी की सलामती की दुआ कर रही हैं।

गांव के प्रधान दिवानी राम,पूर्व प्रधान महावीर बिष्ट,क्षेत्र पंचायत सदस्य रेवती बिष्ट,जिला पंचायत सदस्य कोठा सुरेश बिष्ट, प्रधान संगठन अध्यक्ष मनोज नेगी,व्यापार संघ मेहलचौरी के मोहन नेगी,आगरचट्टी के विजय रावत ने कहा की अपील के बाद आमजन व संगठन पीडित परिवार का सहयोग कर रहे हैं,साथ ही मुख्यमंत्री राहत कोष,प्रधानमंत्री राहत कोष तथा जिलाधिकारी चमोली के स्तर पर भी इलाज के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने को लेकर पत्राचार किया जा रहा है।

रोशनी के भाई विवेक ने बताया की अभी दिन में तीन बार डायालिसस किया जा रहा है,आपरेशन के लिए आवश्यक धनराशि जमा होने पर किडनी प्रत्यारोपण किया जाना है।

विधायक कर्णप्रयाग अनिल नौटियाल ने बताया कि रोशनी के परिवार से आवश्यक दस्तावेज मंगा लिए गए हैं। जिससे मुख्यमंत्री राहत कोष से जल्द आर्थिक सहायता दिलाने का प्रयास किया जाएगा। इसके अलावा अन्य सरकारी ओर गैर सरकारी संस्थाओं के माध्यम से भी परिवार को सहयोग दिलाने के लिए संपर्क किया जा रहा है। परिवार और क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि सामूहिक प्रयासों से रोशनी के इलाज के लिए आवश्यक धनराशि जुटायी जा सकेगी,जिससे रोशनी को जीवनदान मिल सके।

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