जिला सहकारी बैंक चुनाव में गढ़वाल मण्डल में भाजपा के सभी प्रत्याशी हुए निर्विरोध निर्वाचित।
अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद पर भाजपा समर्थित सभी प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित।
देहरादून:- 08 सितम्बर 2026
जिला सहकारी बैंकों के गढ़वाल मण्डल के छह जनपदों में हुये चुनावों में अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद पर भाजपा के सभी प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित हुये हैं। सूबे के सहकारिता मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने जिला सहकारी बैंकों में भाजपा की जीत पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि सहकारिता चुनाव में कांग्रेस कहीं नहीं टिक पाई है, सहकारिता में आम लोगों ने भाजपा की नीतियों पर भरोसा जताया है।
गढ़वाल मण्डल के अंतर्गत जिला सहकारी बैंकों में अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद के लिये हुये चुनाव में देहरादून, चमोली, उत्तरकाशी, पौड़ी गढ़वाल (कोटद्वार), टिहरी गढ़वाल तथा हरिद्वार में भाजपा द्वारा घोषित सभी प्रत्याशी निर्विरोध चुने गये हैं। जिसमें देहरादून में मंजीत रावत, चमोली में गजेंद्र सिंह रावत, उत्तरकाशी में शारदा राणा, पौड़ी गढ़वाल में पंकज रावत, टिहरी गढ़वाल में सुभाष चंद्र रमोला तथा हरिद्वार जनपद में विजेंद्र चैधरी अध्यक्ष पद पर नर्विरोध निर्वाचित हुये। इसके अलावा सभी छह जिला सहकारी बैंकों में उपाध्यक्ष पद पर भी भाजपा समर्थित प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं।
उत्तराखंड सहकारिता चुनाव में पहली बार महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू किया गया है। महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए जिला सहकारी बैंकों के चुनाव 33 प्रतिशत महिला प्रतिनिधित्व के साथ संपन्न किए जा रहे हैं। प्रदेश के कुल दस जिला सहकारी बैंकों में से उत्तरकाशी,अल्मोड़ा और ऊधम सिंह नगर जिला सहकारी बैंकों में अध्यक्ष पद महिला आरक्षित है। इस आरक्षण के तहत इन तीन जनपदों में महिला अध्यक्ष निर्वाचित होंगी।
जिला सहकारी बैंकों के चुनाव दो चरणों में संपन्न हो रहे हैं। प्रथम चरण में गढ़वाल मंडल के छह जिला सहकारी बैंकों के चुनाव में भाजपा ने सभी अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष पदों पर निर्विरोध जीत दर्ज की है। वहीं कुमाऊं मण्डल में जिला सहकारी बैंकों के चुनाव 10 व 11 सितंबर को आयोजित होंगे।
सहकारिता मंत्री धन सिंह रावत ने गढ़वाल मण्डल में सहकारिता चुनावों के तहत जिला सहकारी बैंकों में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं निदेशक पदों पर निर्विरोध निर्वाचित सभी प्रत्याशियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। कहा कि सभी का निर्विरोध निर्वाचन आपसी विश्वास, संगठनात्मक समन्वय और सहकारिता की भावना को मजबूत करने का संदेश देता है।उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास है कि नवनिर्वाचित पदाधिकारी सहकारिता आंदोलन को नई गति और दिशा प्रदान करेेंगे।
