हितधारकों के साथ बैठक कर जिलाधिकारी ने बद्रीनाथ मास्टर प्लान कार्यों की समीक्षा की।
प्रभावित लोगों को प्राथमिकता देने, नव निर्मित परिसंपत्तियों के आवंटन पर चर्चा।
चमोली:-11 सितंबर 2026
जिलाधिकारी गौरव कुमार ने शनिवार को बद्रीनाथ धाम में मास्टर प्लान के अंतर्गत संचालित निर्माण एवं विकास कार्यों की हितधारकों के साथ बैठक कर विस्तृत समीक्षा की। बैठक में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, प्रभावित लोगों, तीर्थ पुरोहितों, व्यापारियों एवं संबंधित विभागों और कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारियों से विकास कार्यों को लेकर सुझाव लिए गए तथा उनकी समस्याओं एवं शंकाओं का समाधान किया गया।
बैठक में मास्टर प्लान के अंतर्गत नव निर्मित परिसंपत्तियों के आवंटन को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने कहा कि मास्टर प्लान के कारण प्रभावित हुए लोगों तथा स्थानीय लोगों के हितों को प्राथमिकता में रखते हुए पारदर्शी तरीके से आवंटन की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि धाम में विकसित की जा रही परिसंपत्तियों का लाभ पात्र एवं प्रभावित लोगों को प्राथमिकता के आधार पर मिलना चाहिए।
बैठक में हितधारकों द्वारा दुकानों के आवंटन, दुकानों के निर्माणाधीन आकार (साइज), स्थान, उपयोगिता एवं आवंटन की प्रक्रिया सहित विभिन्न बिंदुओं पर सुझाव एवं जिज्ञासाएं रखी गईं। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को सभी बिंदुओं पर स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराने तथा स्थानीय लोगों की शंकाओं का निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के साथ-साथ प्रभावित एवं स्थानीय लोगों की सुविधाओं और आवश्यकताओं का भी विशेष ध्यान रखा जाए। बैठक में मास्टर प्लान के तहत वर्तमान में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी संबंधित कार्यदायी संस्थाओं द्वारा दी गई।
उपजिलाधिकारी जोशीमठ चंद्रशेखर वशिष्ट ने बैठक में अवगत कराया कि मास्टर प्लान के अंतर्गत तैयार की गई परिसंपत्तियों एवं अन्य सुविधाओं में फेज वाइज मैनर (चरणबद्ध तरीके) से शिफ्टिंग की जाएगी। उन्होंने बताया कि संबंधित लाभार्थियों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के बाद चरणबद्ध रूप से शिफ्ट किया जाएगा, जिससे स्थानांतरण की प्रक्रिया व्यवस्थित रूप से पूरी हो सके।
जिलाधिकारी ने मास्टर प्लान के अंतर्गत चल रहे फसाड कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि धाम की एकरूपता, सुंदरता एवं ऐतिहासिक स्वरूप को ध्यान में रखते हुए फसाड कार्यों को निर्धारित मानकों के अनुरूप शीघ्र पूरा किया जाए।जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्थाओं को सभी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने तथा निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बद्रीनाथ धाम को विश्वस्तरीय, सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं आधुनिक सुविधाओं से युक्त तीर्थ नगरी के रूप में विकसित करने के लिए सभी हितधारकों के सुझावों एवं सहयोग को प्राथमिकता दी जाएगी।
