पिथौरागढ़ में दर्दनाक घटना: बेटे की मौत के सदमे में मां ने भी दे दी अपनी जान।
पिथौरागढ़:-19 सितंबर 2026
पिथौरागढ़ जिला मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूर वड्डा कस्बे के मड़े गांव में शनिवार सुबह एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। कक्षा 9 में पढ़ने वाले 14 वर्षीय जतिन जोशी की दौड़ते समय अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। जतिन पुत्र कैलाश चंद्र जोशी रोज की तरह झौलखेत मैदान में दौड़ने गया था और वहां से घर लौट रहा था। इसी दौरान रास्ते में वह अचानक गिरकर बेहोश हो गया। पीछे से दौड़ते हुए आ रहे अन्य बच्चों ने जब जतिन को सड़क पर गिरा देखा तो उन्होंने उसके घर पर इसकी सूचना दी।
बेटे के बेहोश होने की जानकारी मिलते ही उसकी मां पूनम जोशी उर्फ पुष्पा टैक्सी से जतिन को जिला अस्पताल लेकर पहुंचीं। अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद जतिन को मृत घोषित कर दिया। बेटे की अचानक मौत की खबर ने मां को गहरे सदमे में डाल दिया। बताया जा रहा है कि सुबह जब जतिन सड़क पर बेहोशी की हालत में मिला था, तब पूनम ने किसी करीबी परिजन को इसकी सूचना नहीं दी और वह खुद ही बेटे को लेकर अस्पताल पहुंच गई थीं।
जतिन की मौत के बाद पूनम जोशी अस्पताल से निकलीं और देवसिंह स्थित पार्किंग से गंगोलीहाट जाने वाली टैक्सी में बैठ गईं। करीब 30 किलोमीटर दूर घाट पहुंचने के बाद उन्होंने पुल से लगभग 100 मीटर आगे टैक्सी रुकवाई। उन्होंने चालक से कुछ सामान लेने की बात कही और इसके बाद अचानक टैक्सी से उतरकर सरयू नदी में छलांग लगा दी। मौके पर मौजूद एक होटल स्वामी ने महिला को बचाने के लिए नदी में छलांग लगाकर प्रयास किया, लेकिन वह उन्हें बचा नहीं सके।
घटना की जानकारी वड्डा कस्बे और पिथौरागढ़ नगर में रहने वाले पूनम के स्वजनों को मिली। परिजनों ने पुलिस को महिला के घाट की ओर जाने की जानकारी दी और उसे रोकने का अनुरोध किया, लेकिन तब तक घटना हो चुकी थी। बाद में घाट पुलिस चौकी से महिला का शव मिलने की सूचना मिली। पुलिस ने महिला की तस्वीर परिजनों को भेजी, जिसके बाद उसकी पहचान पूनम जोशी के रूप में हुई। पुलिस ने शव को नदी से बाहर निकालकर पिथौरागढ़ लाने की कार्रवाई शुरू कर दी।
बताया गया है कि यह परिवार मूल रूप से पिथौरागढ़ तहसील के गुरुंगतोली का रहने वाला है और वर्तमान में वड्डा कस्बे के पास मड़े गांव में रह रहा था। परिवार पर पहले भी दुख का पहाड़ टूट चुका है। करीब एक-दो वर्ष पहले जतिन की बड़ी बहन की मधुमेह के चलते मौत हो गई थी। अब इकलौते बेटे जतिन की अचानक मौत और उसके बाद मां पूनम की मौत से परिवार पूरी तरह टूट गया है।
जतिन के पिता कैलाश चंद्र जोशी असम राइफल्स में तैनात हैं और वर्तमान में त्रिपुरा में ड्यूटी कर रहे हैं। मृतका की बड़ी बेटी भी इस समय घर से बाहर है। ऐसे में मां और बेटे की मौत के बाद घर में कोई नहीं है और परिवार का घर बंद पड़ा है। एक ही दिन में मां और बेटे की मौत की इस घटना ने मड़े गांव समेत वड्डा और आसपास के क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ा दी है। परिजनों के मुताबिक जतिन की मौत के समय पूनम बेहद गहरे सदमे में थीं। ऐसे कठिन समय में उनके साथ कोई करीबी स्वजन मौजूद नहीं था, जो उन्हें संभाल सके। घटना के बाद पूरे इलाके में लोग परिवार के इस दोहरे दुख से स्तब्ध हैं।
