श्रीनगर गढ़वाल के बेस अस्पताल में एक 16 साल की नाबालिग ने दिया नवजात शिशु को जन्म।
रुद्रप्रयाग-27 फरवरी 2026
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले से एक संवेदनशील मामला सामने आया है। यहां 16 वर्षीय नाबालिग छात्रा ने एक बच्ची को जन्म दिया। पेट में तेज दर्द की शिकायत के बाद परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे थे।शुरुआत में परिजनों को पथरी की आशंका थी, लेकिन जांच के दौरान डॉक्टरों ने किशोरी के गर्भवती होने की पुष्टि की। इसके बाद श्रीकोट बेस अस्पताल में उसका प्रसव कराया गया।
अस्पताल सूत्रों के अनुसार,नाबालिग को अचानक पेट में असहनीय दर्द हुआ था। जांच के दौरान गर्भावस्था का पता चलने से परिजन भी हैरान रह गए। प्रसव के बाद नवजात पूरी तरह स्वस्थ बताई जा रही है। चूंकि मामला नाबालिग से जुड़ा था, इसलिए अस्पताल प्रशासन ने नियमानुसार इसकी सूचना बाल कल्याण समिति (CWC) को दी। शुक्रवार को नवजात के 11वें दिन स्पेशल एडॉप्शन एजेंसी, बाल कल्याण समिति रुद्रप्रयाग, सखी वन स्टॉप सेंटर और चाइल्ड हेल्पलाइन के संयुक्त तत्वावधान में बच्ची का हिंदू रीति-रिवाज से नामकरण संस्कार कराया गया। स्पेशल एडॉप्शन एजेंसी के प्रबंधक पुनीत चौकियाल के अनुसार, बच्ची पूरी तरह स्वस्थ है और फिलहाल एजेंसी की निगरानी में सुरक्षित रखी गई है।
अधिकारियों ने बताया कि लगभग दो माह बाद भारत सरकार द्वारा संचालित Central Adoption Resource Authority (CARA) के पोर्टल के माध्यम से विधिक प्रक्रिया के तहत दत्तक ग्रहण (एडॉप्शन) की कार्रवाई शुरू की जाएगी.स्पेशल एडॉप्शन एजेंसी में अनाथ, परित्यक्त एवं आत्मसमर्पित बच्चों को अस्थायी संरक्षण दिया जाता है। यहां बच्चों की देखभाल महिला एवं बाल विकास मंत्रालय तथा CARA के दिशा-निर्देशों के अनुरूप की जाती है।
नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में अब तक किसी आरोपी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो पाई है। संबंधित विभागों द्वारा मामले की जांच की जा रही है। किसी भी व्यक्ति के नाम का खुलासा नहीं किया गया है। मामले के सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है.प्रशासनिक स्तर पर संवेदनशीलता बरतते हुए कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
इधर, नाबालिग के साथ दुष्कर्म की आशंका को लेकर मामला गंभीर हो गया है। हालांकि अब तक आरोपी के विरुद्ध कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। सूत्रों के अनुसार युवती ने अभी तक कथित आरोपी का नाम उजागर नहीं किया है।
वन स्टॉप सेंटर की प्रबंधक रंजना गैरोला ने बताया कि अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है। प्रशासनिक स्तर पर भी प्रकरण को गंभीरता से लिया गया है। यह मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोगों की निगाहें अब पुलिस व प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।
