पाले ओर कड़कड़ाती ठंड के बीच छोड़ी गई गाय जगह बदलने को तैयार नहीं,सुबह पीठ पर जमी रहती है,पाले की मोटी परत।
अग्निवीर की तैयारी कर रहे युवा गाय के लिए जेब में ले जाते हैं रोटी।
मेहलचौरी (गैरसैंण)-12 दिसंबर 2025
रिपोर्ट-प्रेम संगेला.
गाय को राष्ट्र माता घोषित करने के लिए जहां देश भर में आमजन सहित तमाम संगठनों में बयानबाजी की होड़ मची रहती है।वहीं इसकी जमीनी हकीकत देखेंगे तो आपकी भी आंखों में आंसू आ जाएंगे। पहाड़ी क्षेत्रों में आजकल कड़कड़ाती ठंड के बीच छोड़े गए गोवंश पाले की मोटी परत के बीच जीवन बिताने को मजबूर हैं। ऐसा ही वाक्या विकासखंड गैरसैंण के मेहलचौरी के नजदीकी रंगचौणा गांव के समीप देखने को मिल रहा है। जहां पिछले सप्ताह भर से एक गाय खुले आसमान के नीचे सड़क किनारे ही अपना बसेरा बनाए हुए है।सुबह के समय गाय की पीठ पर पाले की मोटी परत देख यहां से गुजरने वाले यात्रियों की आंखें नम हो जाती हैं।लेकिन शासन -प्रशासन सहित तमाम सामाजिक कार्यकर्ताओं के नजरें अब तक यहां नहीं पहुंच पाई हैं।
✅अग्निवीर की तैयारी कर रहे युवा खिला रहे रोटी
अलबत्ता अग्निवीर की भर्ती तैयारी कर रहे कुछ युवा सुबह और शाम के वक्त गाय को खिलाने के लिए जेब में ही कुछ बची हुई रोटी और अन्य सामग्री ले जा रहे हैं।युवाओं ने गाय की दयनीय स्थिति देखकर उसे बाजार के नजदीक लाने का प्रयास भी किया,लेकिन डरी हुई ओर कमजोर हो चुकी गाय आने को तैयार नहीं है।एकांत जगह में जहां जंगली जानवरों का खतरा बना हुआ है,वहीं लगातार ठंड में रहने से गाय हड्डियों का ढांचा बन गयी है।
✅पुलिस बोली होगी कार्रवाई
मामले को लेकर मेहलचौरी चौकी के हेड कांस्टेबल भरत झिंक्वाण ने कहा की गाय के कान का टैग कटा हुआ है,जिससे मलिक का पता नहीं चल पा रहा है,जबकि एक अन्य बैल के टैग से उसके मालिक का पता कर लिया गया है,जो जनपद अल्मोड़ा के कलियालिंगुडा निवासी तारूली देवी के होने का पता चला है।जिन्हें सूचित कर तत्काल बैल को वापस ना ले जाने पर कार्रवाई की बात कही गई है।
✅गोरी गोविंद गौशाला संचालक करेंगे गाय की व्यवस्था
वहीं पिछले कुछ माह से कल्याणा गांव में लावारिश गोवंश के लिए गोरी गोविंद गौशाला का संचालन करने वाले युवा सुरेंद्र रावत (सूर्या)ने कहा कि उन्हें गाय के सड़क किनारे रहने की जानकारी मिली है,जल्द ही उसकी व्यवस्था कर गौशाला ले जाएंगे।
