आख़िर कौन चला रहा फ़र्ज़ी पिस्टल लाइसेंस का सिंडिकेट?
देहरादून-16 जनवरी 2026
उत्तराखंड एसटीएफ ने पिस्टल का फ़र्ज़ी लाइसेंस बनाकर हथियारों की ख़रीद करने वाले गिरोह के एक सदस्य को गिरफ़्तार किया है। पकड़े गए हथियार व अभियुक्त की गिरफ्तारी के संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर द्वारा जानकारी देते हुए बताया कि एसटीएफ को पिछले कुछ समय पूर्व सूचना प्राप्त हुई थी कि बाहरी राज्यों से अपराधी किस्म के लोगों द्वारा फर्जी तरीके से अवैध शस्त्र लेकर फर्जी लाईसेन्स प्राप्त कर उत्तराखण्ड की शस्त्र पंजिका में दर्ज कराये गये है। इस सूचना की जांच व कार्यवाही हेतु टीम नियुक्त की गयी, टीम द्वारा जिलाधिकारी कार्यालय देहरादून, मेरठ व सिरसा आदि राज्यो से पत्राचार कर जानकारी की गयी।प्राप्त सूचनाओं आदि से शस्त्र लाईसेन्स नं.- 3805 का जिला मेरठ से स्थानान्तरण होने के उपरान्त वर्ष 2020 में जिलाधिकारी कार्यालय देहरादून की शस्त्र पंजिका में अंकन होना पाया गया,इस सम्बन्ध ओर अधिक जानकारी करने पर ज्ञात हुआ है कि उक्त शस्त्र लाईसेन्स जनपद मेरठ में भी जनपद सिरसा से ट्रान्सफर होकर आया था, जनपद सिरसा से जानकारी करने पर प्रकाश में आया कि उक्त शस्त्र लाईसेन्स जनपद सिरसा जिलाधिकारी कार्यालय से कभी जारी ही नही हुआ था, जिस पर टीम द्वारा कार्यवाही करते हुए उक्त प्राप्त सूचना के आधार पर विभिन्न माध्यमों से जानकारी जुटाते हुए उपरोक्त लाईसेन्स धारक मनोज को केहरी गांव, थाना प्रेमनगर क्षेत्र देहरादून से गिरफ्तार किया गया. गिरफ्तार अभियुक्त से पूछताछ के दौरान पता चला है कि उत्तराखण्ड राज्य में बाहरी राज्यो से फर्जी शस्त्र लाईसेन्स बनाकर उत्तराखण्ड राज्य के कई जनपदो में दर्ज कराये गये है।
अब बड़ा सवाल ये है कि फ़र्ज़ी लाइसेंस बनाने का सिंडीकेट आख़िर कौन संचालित कर रहा है? वहीं,एसटीएफ एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी से पूछताछ के दौरान एसटीएफ को कई अहम सुराग़ हाथ लगे हैं, जिनके आधार पर जल्द ही ऐसे अवैध लाइसेंस बनाने वाले गिरोह की गिरफ़्तारी हो सकती है।
