हिमांचल प्रदेश में बारिश और बर्फबारी का अलर्ट,कई जिलों में अंधड़,ओलावृष्टि और तेज हवाओं का येलो अलर्ट जारी।
हिमांचल प्रदेश-01 अप्रैल 2026
हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर मौसम करवट लेने जा रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 2 अप्रैल की रात से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिसके प्रभाव से 3 अप्रैल से 6 अप्रैल तक पूरे प्रदेश में लगातार चार दिन बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के आसार हैं। मौसम विभाग ने कई जिलों में अंधड़, गरज-चमक और ओलावृष्टि को लेकर येलो अलर्ट भी जारी किया है।
मौसम विभाग के अनुसार बुधवार और गुरुवार को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम सामान्य और साफ रहने की संभावना है, हालांकि ऊंचाई वाले कुछ इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है। इसके बाद 3 अप्रैल से मौसम अचानक बदलेगा और शिमला, कुल्लू, चंबा, मंडी, कांगड़ा, किन्नौर, लाहौल-स्पीति सहित कई जिलों में व्यापक बारिश और बर्फबारी दर्ज की जा सकती है। विशेष रूप से ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी से तापमान में तेज गिरावट आने की संभावना है।
मौसम विभाग ने ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर और चंबा समेत निचले व मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में तेज हवाओं और अंधड़ की चेतावनी भी जारी की है। कुछ स्थानों पर हवा की रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इसके साथ ही कई जिलों में ओलावृष्टि होने की संभावना जताई गई है, जिससे किसानों और बागवानों की चिंता बढ़ गई है। हाल के दिनों में कई क्षेत्रों में ओलावृष्टि से फल फसलों को नुकसान भी हुआ है।
राजधानी शिमला समेत प्रदेश के कई हिस्सों में मंगलवार को धूप खिली रही और तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। ऊना में अधिकतम तापमान 30.4 डिग्री सेल्सियस, कांगड़ा में 29.4, मंडी में 29.2 और शिमला में 20.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं न्यूनतम तापमान की बात करें तो केलांग में 0.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो प्रदेश में सबसे कम रहा। मौसम बदलने के बाद सुबह और शाम के समय फिर से ठंडक लौटने की संभावना है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह पश्चिमी विक्षोभ अप्रैल के शुरुआती दिनों में प्रदेश के मौसम को पूरी तरह प्रभावित करेगा। पर्यटन स्थलों पर एक बार फिर बर्फबारी से सैलानियों की आवाजाही बढ़ सकती है, जबकि पहाड़ी मार्गों पर फिसलन और यात्रा बाधित होने की आशंका भी बनी रहेगी। प्रशासन ने लोगों से मौसम अपडेट पर नजर रखने और अनावश्यक यात्रा से बचने की।
