चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले सभी बोर्डर एरिया से शुरू हो जाएगी ग्रीन सेस की वसूली।
उत्तराखंड-04 फरवरी 2026
पिछले दिनों प्रदेश में हुई बर्फबारी ने परिवहन विभाग की चांदी कर दी है। दरअसल, प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में हुई बर्फबारी के चलते अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में पर्यटक उत्तराखंड में पहुंच रहे है। उत्तराखंड राज्य में एंट्री हुई अन्य राज्यों के वाहनों की वजह से परिवहन विभाग को काफी अधिक ग्रीन सेस और ई-डिटेक्शन प्रोसेस के जरिए फायदा पहुंचा है। जबकि अभी हरिद्वार जिले के नारसन बॉर्डर से आने वाली अन्य राज्यों के वाहनों से ही ग्रीनसेस वसूला जा रहा है। बेहतर रिस्पांस मिलने के बाद अब परिवहन विभाग प्रदेश के सभी 37 बॉर्डर एरिया में लगे एनपीआर कैमरे को एक्टिवेट करने जा रहा है। ताकि हर एक चेक पोस्ट से उत्तराखंड में आने वाले वाहनों से ग्रीन सेस वसूला जा सके।
उत्तराखंड परिवहन विभाग ने अन्य राज्यों से उत्तराखंड आने वाले वाहनों से ग्रीनसेस वसूली करने की प्रक्रिया को 14 जनवरी से शुरू किया था। हालांकि, शुरुआती दौर में कुछ तकनीकी दिक्कतें जरूर आई लेकिन वर्तमान समय में प्रिंस वसूली की प्रक्रिया सामान्य रूप से चल रही है। ट्रायल बेसिस पर परिवहन विभाग ने हरिद्वार जिले के नारसन बॉर्डर से उत्तराखंड आने वाले वाहनों से ग्रीन से वसूलने की प्रक्रिया शुरू की वर्तमान समय में एकमात्र नारसन बॉर्डर से उत्तराखंड में आने वाले बाहरी वाहनों से ग्रीन सेस वसूला जा रहा है। जिसे बेहतर रिस्पांस मिलने के बाद अब परिवहन विभाग प्रदेश के सभी 37 बॉर्डर एरिया में 150 एएनपीआर के जारी ग्रीनसेस वसूली का निर्णय लिया है।
उत्तराखंड राज्य में हाल ही में हुई भारी बर्फबारी के बाद राज्य में पर्यटकों की आवाजाही तेज है। इसके साथ ही शीतकालीन यात्रा भी चल रही है यही वजह है कि परिवहन विभाग को ग्रीन सेस के जरिए रोजाना हजारों रुपए का राजस्व प्राप्त हो रहा है। नारसन बॉर्डर से रोजाना करीब एक हज़ार बाहरी वाहन उत्तराखंड में प्रवेश कर रहे है। ऐसे में जल्द ही विभाग, प्रदेश के 14 बॉर्डर एरिया पर लगे एएनपीआर कैमरे एक्टिवेट करने जा रहा है, जहां से भी ग्रीन सेस वसूली की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इसके बाद अप्रैल महीने से शुरू होने जा रही चारधाम यात्रा से पहले प्रदेश के सभी यानी 37 बॉर्डर एरिया में लगे 150 एएनपीआर कैमरे से ग्रीन सेस लेने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
वही, ज्यादा जानकारी देते हुए उप परिवहन आयुक्त शैलेश कुमार तिवारी ने कहा कि ये सिस्टम नया है ऐसे में ट्रायल बेसिस पर एक जगह से लागू कर दिया गया है। जिसका बेहतर रिस्पांस देखने को मिल रहा है, साथ ही कोई भी तकनीकी खामियां भी नहीं आ रही है। ऐसे में अन्य बॉर्डर एरिया में भी इसको लागू करने की तैयारी चल रही है। जल्द ही प्रदेश के सभी 37 बॉर्डर एरिया से भी ग्रीन सेस कलेक्शन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। साथ ही बताया कि कुछ चुनौतियां है क्योंकि पहली बार देश में ये सिस्टम राज्य में लागू किया गया है। मुख्य रूप से एएनपीआर कैमरे से वाहनों के नंबर प्लेट की जानकारी लेना और ग्रीन सॉफ्टवेयर को भेजना, और फिर ग्रीन सॉफ्टवेयर से फास्ट टैग को भेजने में कई बार पहले दिक्कतें आई है। लेकिन ट्रायल सफल रहा है।
