2027 के चुनाव में कांग्रेस लाएगी 45 से अधिक सीटें:-हरीश रावत
देहरादून- 24 दिसम्बर 2025
उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है.लगातार दो चुनावों से सत्ता से बाहर कांग्रेस अब पूरी तरह चुनावी मोड में नजर आ रही है.जमीनी मुद्दों के सहारे वापसी की रणनीति पर काम कर रही कांग्रेस को लेकर वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बड़ा दावा किया है.हरीश रावत का कहना है कि 2027 में कांग्रेस कम से कम 45 सीटें जीतेगी और हालात अनुकूल रहे तो आंकड़ा 50 के पार भी जा सकता है।
उत्तराखंड में 2027 का विधानसभा चुनाव अब दूर नहीं है.करीब एक साल के भीतर राज्य का सियासी रण पूरी तरह सज जाएगा.ऐसे में कांग्रेस ने मिशन 2027 के तहत अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं.कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का दावा है कि पार्टी सत्ता में वापसी करते हुए 45 से अधिक सीटें जीतेगी.उनका कहना है कि सही रणनीति और एकजुटता के साथ कांग्रेस 50 सीटों का आंकड़ा भी पार कर सकती है.कांग्रेस ने अपने चुनावी एजेंडे में बेरोज़गारी और युवाओं के भविष्य को सबसे ऊपर रखा है.भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितता, पेपर लीक और सीमित रोजगार अवसरों को लेकर युवाओं में बढ़ते असंतोष को कांग्रेस बड़ा मुद्दा बना रही है.इसके साथ ही पलायन,महिला सुरक्षा,महंगाई,स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था, आपदा प्रबंधन,वन-वन्यजीव संघर्ष, पर्यावरण और अवैध खनन जैसे मुद्दे भी पार्टी के फोकस में हैं.कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा सरकार इन मामलों में जमीनी स्तर पर समाधान देने में नाकाम रही है।
संगठनात्मक स्तर पर भी कांग्रेस खुद को मजबूत करने में जुटी है.नेतृत्व में बदलाव, कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना और लगातार जनसंपर्क कार्यक्रमों के जरिए पार्टी सत्ता विरोधी माहौल को अपने पक्ष में भुनाने की कोशिश कर रही है.हरीश रावत का दावा है कि राज्य में भाजपा के खिलाफ अंदरखाने भारी नाराज़गी है, जिसे चुनाव के वक्त जनता खुलकर जाहिर करेगी.हरीश रावत का कहना ही की अगर कांग्रेस एकजुट होकर, स्पष्ट लक्ष्य और सही रणनीति के साथ चुनाव लड़ेगी तो कम से कम 45 सीटें तो तय हैं.हालात अनुकूल रहे तो 50 सीटें भी पार कर सकते हैं.जनता के भीतर भाजपा के खिलाफ आक्रोश है, लोग समय का इंतजार कर रहे हैं.
कांग्रेस के इन दावों पर भाजपा ने पलटवार किया है.कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि यह कांग्रेस के मुंगेरीलाल के हसीन सपने हैं हरीश रावत के बयानों को पुराने दावों की पुनरावृत्ति बताया.उनका कहना है कि ऐसे ही दावे 2017 और 2022 के चुनावों से पहले भी किए गए थे, लेकिन नतीजे सबके सामने हैं.भाजपा का दावा है कि जनता ने बार-बार कांग्रेस को नकारा है और 2027 में भी हालात बदलने वाले नहीं हैं, मंत्री जोशी का कहना है कि हरीश रावत 2017 और 2022 में भी बड़े दावे कर चुके हैं.2017-2022 विधानसभा, 2019 और 2024 लोकसभा चुनाव के नतीजे सबने देखे हैं.दावे करना लोकतंत्र में सबका अधिकार है, लेकिन सच्चाई यह है कि कांग्रेस की स्थिति लगातार कमजोर हुई है और 2027 में भी इसमें कोई सुधार नहीं होने वाला।
कुल मिलाकर, 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस आक्रामक तेवरों में नजर आ रही है और बड़े दावों के जरिए माहौल बनाने की कोशिश कर रही है.वहीं भाजपा, विपक्ष के इन दावों को सिरे से खारिज कर रही है.अब देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले महीनों में सियासी रणनीतियां किस करवट बैठती हैं और जनता किसे सत्ता की चाबी सौंपती है।
