अंकिता के नाम पर नर्सिंग कॉलेज का नाम रखने पर विवाद शुरू,विपक्ष ने लगाया झूठ बोलने का आरोप।

अंकिता के नाम पर नर्सिंग कॉलेज का नाम रखने पर विवाद शुरू,विपक्ष ने लगाया झूठ बोलने का आरोप।

देहरादून-10 जनवरी 2026

पौड़ी स्थित राजकीय नर्सिंग कॉलेज डोभ का नाम अंकित भंडारी के नाम पर रखा दिया गया है, इस संबंध में स्वास्थ्य सचिव की ओर से शासनादेश भी जारी कर दी गई है। लेकिन जहां एक ओर अंकित भंडारी हत्याकांड मामले को लेकर प्रदेश में राजनीतिक सियासत गरमाई हुई है। तो वहीं, दूसरी ओर नर्सिंग कॉलेज के नाम परिवर्तन में देरी होने पर राजनीतिक घमासान शुरू हो गई है। जिसकी मुख्य वजह यही है कि 16 सितंबर 2023 को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजकीय नर्सिंग कॉलेज, डोभ का नाम परिवर्तित कर अंकित भंडारी के नाम पर रखने की घोषणा की थी। इसके बाद से एक लंबा वक्त बीत जाने के बावजूद इस पर कोई शासनादेश जारी नहीं किया गया।

लेकिन वर्तमान समय में अंकित भंडारी हत्याकांड का मामला जब एक बार फिर चर्चाओं में है। इसी दौरान उत्तराखंड शासन की ओर से नर्सिंग कॉलेज का नाम बदलकर अंकित भंडारी के नाम पर रखे जाने संबंधित शासनादेश जारी कर दिया। यही वजह है कि विपक्षी दल कांग्रेस समेत संगठन के लोग अब सवाल उठा रहे हैं कि करीब ढाई साल पहले किए गए घोषणा को इंप्लीमेंट करने में आखिर इतना वक्त क्यों लग गया? जबकि इसको लेकर कई बार मांग उठ चुकी है। जिसके चलते प्रदेश में राजनीतिक घमासान मचा हुआ है।

वही, इस पूरे मामले पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को इस पर अपना स्पष्टीकरण देना चाहिए। क्योंकि इसी तरह उन्होंने सितंबर 2023 को नर्सिंग कॉलेज का नाम अंकित भंडारी के नाम पर रखने की घोषणा की थी। इस तरह की बात एक बार फिर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने की है। ऐसे में एक बड़ा सवाल यही है कि साल 2023 में कही गई बात झूठ थी या फिर जो कल सीएम ने कहा है वह झूठ है? साथी कहां की मुख्यमंत्री की ओर से कही गई दोनों बातें ही झूठ है क्योंकि नाम बदलने का अधिकार नर्सिंग काउंसिल आफ इंडिया को है न कि उत्तराखंड सरकार को। ऐसे में उसकी अभी तक प्रक्रिया भी शुरू नहीं हुई है लिहाजा सीएम तब भी झूठ बोल रहे थे और अब भी झूठ बोल रहे हैं।

तो वहीं, इस पूरे मामले पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि ये राजनीतिक और तथ्यहीन मुद्दा है। यह मुझे तब उठाते हैं जब राजनीतिक दलों के पास कोई विकास के मुद्दे नहीं होते हैं क्षेत्र की समस्याओं के मुद्दे नहीं होतेहैं। ऐसे में इस प्रकार के मुद्दे को उठकर सिर्फ राज्य के माहौल को दूषित करने का प्रयास है। और जनता सब कुछ देख रही है।

वही, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा की शुरुआत से ही यह था कि राजकीय नर्सिंग कॉलेज डोभ का नाम अंकित भंडारी के नाम पर रखा जाए। जिसपर शासनादेश जारी कर दिए गए है।

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