अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्कर नरूला बंधुओं से ईडी सुद्धोवाला जेल में करेगी पूछताछ, अदालत ने दी अनुमति।
देहरादून-17 जनवरी 2026
कोर्ट की अनुमति के बाद अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्कर बनमीत नरूला और उसके भाई परविंदर से प्रवर्तन निदेशालय की स्पेशल ईडी की टीम जेल में जाकर पूछताछ करेगी।अदालत ने सुद्धोवाला कारागार के अधीक्षक को निर्देशित किया गया है कि वह कानून के अनुसार और उत्तराखंड जेल नियमावली के अनुसार आरोपियों के बयान दर्ज करने के लिए आवश्यक व्यवस्था करें. साथ ही ईडी की ओर से धन शोधन निवारण अधिनियम 2002 (पीएमएलए) के तहत बनमीत सिंह और परविंदर के बयान दर्ज करने के लिए विधिक आवेदन प्रस्तुत किया गया था।
बता दें कि नरूला बंधु हल्द्वानी के रहने वाले हैं और इनमें अंतरराष्ट्रीय नशा तस्कर बनमीत नरूला पिछले डेढ़ दशक से यूरोप और अमेरिका में सक्रिय था। जिस पर डार्क वेब मार्केट पर करोड़ों डॉलर का अवैध ड्रग्स का कारोबार का आरोप है. साल 2019 में नरूला की हरकतें अमेरिका सरकार को पता चली। उसके बाद उसे 2019 में लंदन में गिरफ्तार किया गया और गिरफ्तारी के बाद उसे अमेरिका प्रत्यर्पित कर दिया गया। वहां पर कोलंबिया कोर्ट ने बनमीत पर मुकदमा चला और साल 2022 में उसे 7 साल कैद और 50 लाख डॉलर के जुर्माने की सजा सुनाई गई।
बनमीत नरूला को पिछले साल अप्रैल में अमेरिकी कोर्ट से जमानत मिल गई और उसे भारत के लिए डिपोर्ट कर दिया गया। लेकिन भारत आते ही वह अंडरग्राउंड हो गया। बनमीत नरूला के भारत आने की खबर ईडी को लगी तो एजेंसी ने 26 अप्रैल को घर पर छापा मारा। ईडी ने घंटों पूछताछ और पड़ताल के बाद बनमीत के भाई परविंदर को गिरफ्तार कर लिया गया। शुक्रवार को विशेष लोक अभियोजक डीप सिंह और कानूनी सलाहकार शालिनी सिंह अदालत में उपस्थित होते हुए बताया है कि आरोपी बनमीत सिंह और उसके भाई को ईडी ने साल 2024 में गिरफ्तार किया गया था। वर्तमान में दोनों को सुद्धोवाला जेल में न्यायिक हिरासत में रखा गया है।
बनमीत सिंह,परविंदर सिंह और अमरप्रीत कौर चावला के खिलाफ अभियोजन शिकायत इस न्यायालय के समक्ष जारी की जा चुकी है।अपराध की बाकी धनराशि जोकि ब्लॉकचेन पर करीब 4250 बिटकॉइन के रूप में दिखाई दे रही है। जिनको पीएमएलए के तहत जब्त करने के प्रयास जारी हैं। साथ ही बनमीत नरूला का बयान दर्ज करना और उसकी जांच करना आवश्यक है। गौर हो कि पिछले करीब 15 सालों से बनमीत नरूला अमेरिका में अवैध नशे के कारोबार को आगे बढ़ा रहा था।बनमीत और उसके भाई परमिंदर उत्तराखंड के हल्द्वानी के रहने वाले हैं और पहले ही ईडी दोनों को अरेस्ट कर चुकी है। वहीं ईडी द्वारा दोनों की 9.67 करोड़ रुपए की संपत्ति को अटैच किया गया है।
