यूपी से किया डीएलएड,उत्तराखंड में असिस्टेंट टीचर की नौकरी,प्रमाणपत्रों की जांच जारी।
पिथौरागढ़-03 फरवरी 2026
प्रदेश में आये दिन फर्जी प्रमाणपत्र के सहारे सरकारी नौकरी करने की बातें सुर्खियों में रही हैं। अब प्रदेश के पिथौरागढ़ जिले फर्जी प्रमाणपत्रों के जरिये बाहरी राज्यों से डीएलएड कर प्रदेश में शिक्षक के मामले में चौंकाने वाली बात सामने आई है। पिछले दिनों प्रदेश अजब का गजब कारनामा देखने को मिला। डीएलएड के अभ्यर्थियों का कुमाऊं में ही ससुराल और मायका है। इसके बाद भी कई अभ्यर्थी डिग्री हासिल करने के लिए यूपी के स्थायी निवासी बन गए। इसके बाद उन्होंने डीएलएड का डिग्री हासिल की, अब उत्तराखंड का स्थायी निवास प्रमाणपत्र बनाकर सहायक अध्यापक बन गये हैं।
प्रदेश के शिक्षा महकमे में पिथौरागढ़ के छह विकास खंडों में यूपी से डीएलएड का डिप्लोमा हासिल करने वाले 55 लोगों को सहायक अध्यापक बने, जिसमें अधिकांश कुमाऊं मंडल के ही स्थायी निवासी हैं। कई महिला सहायक शिक्षकों का कुमाऊं में ही ससुराल और मायका है। अधिकांश सहायक अध्यापकों ने डीएलएड का डिग्री हासिल करने के लिए खुद को यूपी, हरियाणा, जम्मू कश्मीर, मध्य प्रदेश सहित अन्य राज्यों का स्थायी निवासी साबित किया।डिग्री हासिल करने के बाद इन लोगों ने सहायक अध्यापक बनने के लिए उत्तराखंड का स्थायी निवास प्रमाण पत्र लगाया, इसके बाद उन्होंने सरकारी नौकरी पाकर प्रदेश के होनहार युवाओं के हकों पर कब्जा किया है।
यूपी से डीएएलएड डिप्लोमाधारियों की संख्या अधिक है। फर्जी डिग्री से नौकरी पाने वाले सहायक अध्यापक अब शिक्षा विभाग के नजरों में हैं। सहायक अध्यापकों को गंगोलीहाट, मुनस्यारी और धारचूला विकासखंड के दूरस्थ क्षेत्रों में तैनाती दी गई है। विकासखंड गंगोलीहाट में 19, मुनस्यारी 16, धारचूला में 14 और 49 फर्जी डिप्लोमाधारियों को सहायक अध्यापक नियुक्त किया गया है।
पूर्व दर्जा राज्यमंत्री खजान गुड्डू ने कहा कि बाहरी राज्यों से गलत तरीके से डिग्री हासिल कर प्रदेश के प्रशिक्षित युवाओं के हक मार रहे हैं। प्रदेश का युवा रोजगार के लिए दर दर भटक रहा है। सरकार को प्रदेश के प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार देना चाहिए।सरकार को फर्जी तरीके से रोजगार करने वालों की जांच करनी चाहिए।
पिथौरागढ़ मुख्य शिक्षा अधिकारी तरुण कुमार पंत ने कहा सहायक अध्यापकों के स्थायी निवासी प्रमाणपत्रों की जांच की जा रही है। जिसके लिए एक टीम का गठन किया गया है। संबंधितों ने यूपी सहित अन्य राज्यों का स्थायी निवास प्रमाणपत्र कैसे बनाया इसकी जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद अग्रिम कार्यवाही की जाएगी।
