पौराणिक दुर्गा देवी मंदिर तक सडक सुविधा की मांग,कुमाऊं क्षेत्र से सड़क निर्माण शुरू,गढवाल में अभी कागजी खानापूर्ति।
कल्याणा गांव को जोडने के लिए 25 साल पहले बनी सड़क नाले में तब्दील।
मेहलचौरी (गैरसैंण)-24 मार्च 2026
रिपोर्ट- प्रेम संगेला.
उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलन में तब आमजन ने बड़े उत्साह के साथ भागीदारी की थी , ताकी अलग ओर छोटा राज्य बनने से पहाडों के दुर्गम क्षेत्रों को त्वरित विकास का लाभ मिल सके । लेकिन राज्य बनने के 25 साल बाद भी दूरस्थ ओर दुर्गम ग्रामीण क्षेत्र के विकास की दशा बताती है कि, आज भी कई गांव मूलभूत विकास के लिए तरसते नजर आ रहे हैं।
विकासखंड गैरसैंण के अंतर्गत कुनीगाड क्षेत्र के कल्याणा ,निगलानी व हिसलाणी गांवों को जोडने वाली सड़क की दयनीय दशा ऐसा ही बंया कर रही है । वहीं ग्रामीणों की पौराणिक दुर्गा देवी मंदिर को सड़क सुविधा से जोडने के लिए महज डेढ किलोमीटर सड़क की मांग भी परवान नहीं चढ पायी। वर्ष 2002 में खजूरखाल के कस्बाई बाजार से कल्याणा,निगलानी,हिसलाणी गांवों को जोड़ने के लिए पहले 2 किलोमीटर सड़क का निर्माण किया गया, जिसके बाद 2012 में 5 किलोमीटर सड़क ओर काटी गई ,लेकिन 25 साल बीतने के बावजूद सड़क का डामरीकरण तक नहीं हो पाया है । जिससे कच्ची सड़क नाले में तब्दील हो गयी है।कई बार ग्रामीण खुद ही सडक को ठीक कर छोटे वाहन चलने लायक बनाते हैं । वहीं गढ़वाल व कुमाऊं मंडलों के सीमांत ढलानी पहाड़ियों पर स्थित धार्मिक आस्था का केंद्र दुर्गा देवी मंदिर को लंबे समय से सड़क सुविधा से जोड़ने की मांग भी परवान नहीं चढ़ पाई है ,जबकि मंदिर गांव से महज डेढ़ किलोमीटर दूरी पर स्थित है।
सीमांत में स्थित मंदिर गढ़वाल व कुमाऊं के ग्रामीणों की अराध्या देवी दुर्गामाता का पौराणिक मंदिर है ,मनौतीयां पूर्ण होने के चलते बडी संख्या में दोनों क्षेत्रों के ग्रामीण दर्शनों को आते हैं ,वहीं हर वर्ष दो गते बैसाख को सामुहिक भव्य मेले का आयोजन किया जाता है । मंदिर क्षेत्र सड़क सुविधा से जुड़ता तो श्रद्धालुओं को आवागमन की आसानी होने के साथ ही पर्यटन की गतिविधियां भी बढती।मंदिर परिसर को सड़क सुविधा से जोड़ने के लिए कुमाऊं मंडल के स्यालदे ब्लॉक के अंतर्गत रतन्यालीखाता गांव से वर्तमान में ढाई किलोमीटर सड़क का निर्माण कार्य चल रहा है। जबकि जनपद चमोली के अंतर्गत महज डेढ किलोमीटर दूर मंदिर को सड़क से जोडने की कवायद धरातल पर नजर नहीं आ रही है।
सड़क की मांग को लेकर कल्याणा की प्रधान सुशीला देवी,क्षेत्र पंचायत सदस्य हंसी देवी ,ग्रामीण नरेंद्र सिंह रावत व पूर्व प्रधान सुरेश रावत कहते हैं की,वर्तमान में गांव तक बनी कच्ची सड़क की दशा किसी नाले से भी बदतर हो चुकी है। 25 वर्षों से डामरीकरण की मांग कर रहे हैं ,लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है।गांव से महज डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर स्थित मंदिर को सड़क सुविधा से जोड़ने में अब तक कोई सफलता नहीं मिल पाई है।
मामले को लेकर अल्मोडा जनपद के स्यालदे ब्लॉक के पूर्व प्रधान संगठन अध्यक्ष त्रिलोक सिंह बेलवाल, जिला पंचायत सदस्य बाला दत्त शर्मा ,प्रधान खाल्यौं पूजा बेलवाल ने कहा कि सीमांत क्षेत्र में जहां मंदिर में सामूहिक पूजाएं व मेले का आयोजन होता है ,वहीं दोनों तरफ लोगों के रोटी -बेटी के रिश्ते -नाते भी हैं। दोनों तरफ की सडकों को जोडकर धार्मिक आस्थाओं के साथ ही नातों-रिश्तों को भी मजबूती मिलेगी,त्रिलोक बेलवाल ने बताया कि कुमाऊं की सीमा तक सल्ट विधायक महेश जीना द्वारा वर्तमान में सड़क निर्माण विधायक निधि से करवाया जा रहा है ,जबकि मंदिर सुन्दरीकरण के लिए 50 लाख रुपए की धनराशि की स्वीकृति की घोषणा की गई है,जिससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
मामले में कोठा चमोली के जिला पंचायत सदस्य सुरेश बिष्ट ने कहा कि ग्रामीणों द्वारा मंदिर को सड़क सुविधा से जोड़ने व गांव तक बनी सड़क के डामरीकरण को लेकर जिला अधिकारी सहित, विधायक कर्णप्रयाग अनिल नौटियाल व लोक निर्माण विभाग मंत्री सतपाल महाराज से स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया गया है। लोक निर्माण विभाग के अधिसाशी अभियंता जगदीश थपलियाल ने बताया कि डामरीकरण का आंगणन पीएमजीएसवाई विभाग को स्वीकृति के लिए भेजा गया है,जबकि मंदिर तक शेष सडक को जोडने के लिए वन भूमि फाईल तैयार कर ली गयी है।
