गैरसैंण में स्थाई एसडीएम की नियुक्ति को लेकर तहसील कार्यालय में किया प्रदर्शन,धरने पर बैठे लोग।
ग्रीष्मकालीन राजधानी बने 5 वर्ष बीत जाने के बाउजूद स्थायी एसडीएम की नियुक्ति नहीं कर पा रही सरकार।
गैरसैंण- 26 फरवरी 2026
रिपोर्ट-पुष्कर सिंह रावत.
लंबे समय से सूबे की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में एसडीएम का पद रिक्त चल रहा है। जिसको लेकर आम जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आये दिन अपने महत्वपूर्ण काम से दूर दराज से गैरसैंण तहसील कार्यालय पहुंचकर एसडीएम न होने से आम जनता को मायूस होकर बैरंग लौटना पड़ रहा है।
बताते चलें कि ग्रीष्मकालीन राजधानी का दर्जा पाये गैरसैंण को 5 वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है लेकिन आज भी लोगों को अपने मूलभूत सुविधाओं के लिए तरसना पड़ रहा है, और अपनी बातों को सरकार तक पहुंचाने के लिए सड़को पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है.गैरसैंण में आये दिन लोग स्वास्थ्य सुविधाओं, सड़क निर्माण सहित अन्य मांगों को लेकर सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करने को मजबूर हैं।
ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में जहां कमोवेश सचिव स्तरीय अधिकारी की तैनादी की उम्मीद की जा रही थी,वहां आज तहसील में एक अदद एसडीएम नियुक्त नही है.तहसीलदार की नियुक्ति है मगर वो मेडिकल लीव पर हैं.प्रसासनिक अधिकारी के भरोंसे चल रहे गैरसैंण तहसील की बदहाली को कोई देखने सुनने वाला नहीं है।
वहीं आज नगर पंचायत अध्यक्ष मोहन भंडारी के नेतृत्व में कई महिलाओं व जनप्रतिनिधियों ने तहसील कार्यालय में 2 घण्टे तक धरना देकर प्रदर्शन किया,व गैरसैंण में कई वर्षों से रिक्त चल रहे एसडीएम के पद पर स्थायी नियुक्ति की मांग की। इस दौरान नगर पंचायत कार्यालय से होते हुए तहसील कार्यालय तक सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया गया।
✅8 मार्च को विधानसभा के प्रवेश द्वार दिवालीखाल में किया जायेगा चक्का जाम व प्रदर्शन⤵️
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे नगर पंचायत अध्यक्ष मोहन भंडारी ने कहा कि लंबे आंदोलन व संघर्षों के बाद गैरसैंण में स्थायी एसडीएम की नियुक्ति की गई थी,लेकिन कुछ माह बाद ही उन्हें गैरसैंण से हटा कर टिहरी भेज दिया गया.जिसका खामियाजा अपने महत्वपूर्ण कार्यों को लेकर गैरसैंण तहसील पहुंचने वाली आम जनता को भुगतना पड़ रहा है.वहीं,उन्होंने कहा कि विगत वर्ष एक गर्भवती महिला व उसके शिशु की मौत के बाद जब क्षेत्रीय लोगों ने गैरसैंण तहसील घेराव किया था ,उस वक़्त प्रसाशन के अधिकारियों द्वारा गैरसैंण स्वास्थ्य केंद्र में जल्द ऑपरेशन थियेटर निर्माण की बात कही गई थी.लेकिन आज एक वर्ष बीत जाने के बाउजूद एक भी वादा पूरा नही हो पाया है,जो कि शर्मनाक है.मोहन भंडारी ने कहा कि अगर 9 मार्च बजट सत्र से पूर्व गैरसैंण में स्थायी एसडीएम की नियुक्ति व ऑपरेशन थियेटर का निर्माण नही होता है तो 8 मार्च को विधानसभा के प्रवेश द्वार दिवालीखाल में चक्का जाम व प्रदर्शन किया जायेगा.कहा कि किसी भी अधिकारी,विधायक व मंत्री को विधानसभा में घुसने नही दिया जायेगा,व बजट सत्र का पूर्ण बहिष्कार किया जायेगा.जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदार शासन-प्रसाशन की होगी।इस संबंध में मुख्य प्रसासनिक अधिकारी रणजीत सिंह के माध्यम से जिलाधिकारी चमोली को एक ज्ञापन भी प्रेषित किया गया।
✅गैरसैंण बार संघ ने भी दिया समर्थन⤵️
वहीं, मांगों को समर्थन देते हुए गैरसैंण बार संघ के अध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता कुंवर सिंह बिष्ट ने कहा कि लंबे समय से एसडीएम का पद रिक्त चल रहा है.कहा कि क्षेत्रीय जनता को बहुत सारे कार्य तहसील से करने पड़ते हैं, फिर चाहे वो प्रमाण पत्र हो या अन्य कार्य हों.बताया कि जनता के लंबे समय से वाद एसडीएम न्यायालय में लंबित हैं.जिस कारण जनता के कई कार्य प्रभावित हो रहे हैं.जिस कारण दूर दराज से आने वाले लोगों को निराश होकर लौटना पड़ रहा है.व सरकार के खिलाफ आक्रोश व्याप्त है. कहा कि ग्रीष्मकालीन राजधानी में प्रशासनिक अधिकारी का होना नित्यांत आवश्यक है.ताकि जनता के महत्वपूर्ण कार्य हो सकें.बताया कि कुछ माह पूर्व अग्निवीर भर्ती हुई थी, लेकिन एसडीएम के न होने से बेरोजगार युवाओं को शपथ पत्र पर हस्ताक्षर करवाने के लिए कर्णप्रयाग व थराली के चक्कर लगाने पड़े.उन्होने जल्द एसडीएम की नियुक्ति की मांग की है.
✅सड़को पर उतरकर प्रदर्शन करने को होना पड़ेगा मजबूर⤵️
जिला पंचायत सदस्य कामेश्वरी देवी व ग्राम प्रधान दिवानी राम ने कहा कि एसडीएम की नियुक्ति न होने से आये दिन ग्रामीण क्षेत्र की जनता को परेशानियों से दो चार होना पड़ रहा है। कहा कि यदि जल्द एसडीएम की नियुक्ति नही की जाती है तो जनता के साथ सड़को पर उतरकर प्रदर्शन करने को मजबूर होना पड़ेगा।
✅एक लड़ाई अपने हक के लिए लड़ने की जरूरत⤵️
बसंती देवी पूर्व महिला मंगल दल अध्यक्ष ग्राम सभा रिखोली, ने कहा कि हमने सोचा था कि उत्तराखंड राज्य बनने से हमारा विकास होगा लेकिन इन 25 वर्षों में विकास की जगह विनाश के सिवा कुछ नहीं हुआ.कहा कि उत्तराखंड राज्य बनने के बाद सिर्फ नेताओं व अधिकारियों का विकास हुआ है. आम जनता जहां पहले थी वहीं आज भी खड़ी है.उन्होंने सभी से आह्वान किया कि जिस प्रकार राज्य आंदोलन की लड़ाई लड़ी गई थी उसी प्रकार आज एक लड़ाई अपने हक के लिए लड़ने की जरूरत है.कहा कि ये नेता बजट सत्र के नाम पर सिर्फ ठंडी हवा और पिकनिक मनाने गैरसैंण आ रहे हैं कोई विकास करने नही आ रहे हैं।
इस दौरान धरना प्रदर्शन में सभासद उमा ढौंढियाल, गोबिंद सिंह, दयाल सिंह,हरेंद्र सिंह, पुष्पा देवी,ग्राम प्रधान दीवानी राम,जसवंत सिंह,मीना देवी,प्रदीप कुँवर, पूर्व छात्रसंघ महासचिव संदीप धीमान, विपुल गौड़, पंकज रावत, मनमोहन सिंह नेगी, दीपक कंडारी, अनुज मेहरा,सौरभ तोपवाल,अविनाश पंत,रिया पंवार,मेघा पवार,ज्योति नेगी,विमला देवी, बिंदी देवी, माहेश्वरी देवी, गायत्री ढोंण्डियाल,जगदीश ढोंण्डियाल,विभिन्न महिला मंगल दल मौजूद रहे।
