उत्तराखंड में 24 मार्च को लागू होगी देवभूमि परिवार पहचान पत्र योजना,अंतिम चरण में पहुंचा एक्ट बनाने का काम।

उत्तराखंड में 24 मार्च को लागू होगी देवभूमि परिवार पहचान पत्र योजना,अंतिम चरण में पहुंचा एक्ट बनाने का काम।

देहरादून-30 जनवरी 2026

उत्तराखंड राज्य में निवासरत परिवारों के पहचान को देवभूमि परिवार पहचान पत्र योजना लागू होने जा रही है। दरअसल,12 नवंबर 2025 को हुई धामी मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान देवभूमि परिवार योजना लागू करने की मंजूरी मिल गई थी। इसके बाद से ही उत्तराखंड नियोजन विभाग की ओर से देवभूमि परिवार योजना का एक्ट तैयार की जा रही है। वर्तमान समय में देवभूमि परिवार योजना का एक्ट अंतिम चरण में है। ऐसे में 24 मार्च को सीएम धामी के कार्यकाल को 4 साल पूरा होने पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान ही देवभूमि परिवार पहचान पत्र योजना को लागू कर दिया जाएगा।

दरअसल, उत्तराखंड सरकार ने साल 2022 में हरियाणा की तर्ज पर ही उत्तराखंड में भी परिवार पहचान पत्र बनाने का निर्णय लिया था। ताकि राज्य एवं केंद्र सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं को आसानी से लाभार्थियों तक पहुंचाया जा सकें। इसके साथ ही योजनाओं में फर्जीवाड़ा या कुछ ही परिवारों को बार-बार सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने की शिकायतों पर ठोस कार्रवाई की जा सके। हालांकि, उत्तराखंड राज्य में परिवार पहचान पत्र योजना को जल्द से जल्द लागू किए जाने को लेकर साल 2024 में नियोजन विभाग ने एक अलग प्रकोष्ठ का गठन भी कर दिया था। साथ ही एनआइसी के जरिए इस संबंध में पोर्टल भी तैयार कर लिया गया.इसके बाद प्रदेश में देवभूमि परिवार पहचान पत्र को लागू किए जाने को लेकर नियोजन विभाग की ओर से 12 नवंबर 2025 को मंत्रिमंडल की बैठक में प्रस्ताव रखा गया। जिस पर धामी मंत्रिमंडल ने प्रदेश में देवभूमि परिवार योजना को लागू करने पर सहमति जता दी। ऐसे में नियोजन विभाग की ओर से इस योजना को बेहतर ढंग से लागू किए जाने के साथ ही तमाम प्रावधान किए जाने को लेकर एक्ट बनाने की कवायत में जुट गई। वर्तमान समय में देवभूमि परिवार योजना का एक्ट लगभग तैयार हो चुका है हालांकि कुछ कमियां हैं जिनको दूर किया जा रहा है. ऐसे में आगामी 11 फरवरी को होने वाली मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान देवभूमि परिवार योजना एक्ट को मंत्रिमंडल के सम्मुख रख दिया जाएगा। इसके बाद इस एक्ट को विधानसभा से पारित कर 24 मार्च 2026 को प्रदेश में लागू कर दिया जाएगा।

देवभूमि परिवार पहचान पत्र योजना के मुख्य बिंदु.⤵️

➡️ राज्य में निवासरत परिवारों का विस्तृत डेटा बेस तैयार किया जाएगा।
➡️ परिवारों को यूनिक परिवार पहचान संख्या दिया जायेगा।
➡️ चिन्हित परिवारों के लिए लाभार्थी योजना को परिवार की आई.डी से समद्ध किया जायेगा।
➡️ जिससे लाभार्थी परिवारों को राजकीय योजनाओं का सही लाभ मिल सकेगा।
➡️ लाभार्थी परिवारों को सभी योजनाएं एक क्लिक में दिखाई देगी, जिनके लिये लाभार्थी पात्र हैं।
➡️ लाभार्थी योजनाओं में से कितनी योजनाओं का लाभ उठा चुके हैं, इसकी जानकारी मिलेगी।
➡️ कितनी योजनाओं का लाभ अभी और उठा सकते है, इसकी भी जानकारी मिल सकेगी।

वही,ज्यादा जानकारी देते हुए नियोजन विभाग के प्रमुख सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम ने कहा कि देवभूमि परिवार पहचान पत्र योजना को लीगल आइडेंटिटी देने के लिए विभाग एक एक्ट तैयार कर रहा है। जिसमें कुछ बदलाव किए जाने हैं इसके बाद आगामी संभावित 11 फरवरी को होने वाले मंत्रिमंडल की बैठक में प्रस्तुत किया जाएगा। इसके लिए विभाग स्तर पर एक्ट को अंतिम रूप दिया जा रहा है क्योंकि कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद विधायी विभाग के स्तर पर एक्ट को देखा जाएगा। इसके बाद मार्च महीने में होने वाले विधानसभा बजट सत्र के दौरान सदन ने पटल पर रखा जाएगा। साथ ही बताया कि 24 मार्च को वर्तमान सरकार के कार्यकाल को 4 साल पूरे हो रहे हैं। उस दौरान प्रदेश भर में तमाम कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। लिहाजा 24 मार्च को ही देवभूमि परिवार पहचान पत्र योजना को लॉन्च कर दी जाएगी। प्रमुख सचिव ने बताया कि वर्तमान समय में मौजूद डाटा को पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया है। लेकिन योजना के लागू होने के बाद हर परिवार के एक मुखिया को आईडी और पासवर्ड भी मुहैया कराई जाएगी। ताकि वो अपने स्तर से भी परिवार के सदस्यों का नाम या पता की जानकारी को संशोधित कर सकेंगे। क्योंकि परिवारों में सदस्यों की संख्या घटती बढ़ती रहती है ऐसे में परिवारों को कहीं जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी बल्कि घर बैठे ही वो परिवार के सदस्यों के नाम को घटा या बढ़ा सकेंगे। साथ ही बताया कि देवभूमि परिवार पहचान पत्र रखना कंपलसरी नहीं है। लेकिन इस इस तरह से प्रमोट किया जाएगा की सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए देवभूमि परिवार पहचान पत्र का होना पर्याप्त होगा। साथ ही बताया कि इस योजना को लागू करने का मुख्य उद्देश्य यही है ताकि योजनाओं का लाभ उठाने में लोगों को सहूलियत दिया जा सके। इसके साथ ही सरकार के पास ये भी जानकारी उपलब्ध है कि सभी पत्र लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचा पा रहे हैं या नहीं? क्योंकि कई बार ऐसा भी देखा गया की कई ऐसे परिवार हैं जो सरकारी योजनाओं से लाभान्वित नहीं हो पा रहे हैं। ऐसे में इस योजना के लागू होने के बाद डेटाबेस जानकारी उपलब्ध होने लग जाएगी। यही नहीं, देवभूमि परिवार पहचान पत्र योजना को लॉन्च करने के बाद प्रदेश भर में जागरूकता अभियान भी चलाई जाएगी।

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