नीती घाटी में “आकार” लेने लगे बाबा बर्फानी, टिम्मरसैंण महादेव के दर्शन को पहुंच रहे श्रद्धालु।

नीती घाटी में “आकार” लेने लगे बाबा बर्फानी, टिम्मरसैंण महादेव के दर्शन को पहुंच रहे श्रद्धालु।

नीती (चमोली)- 10 दिसम्बर 2025

चमोली जिले में शीतकालीन पर्यटन और आध्यात्मिक अनुभव का अनूठा संगम अब नीती घाटी की टिम्मरसैंण महादेव गुफा में देखने को मिल रहा है। भारत-चीन सीमा के पास स्थित इस प्राकृतिक गुफा में बाबा बर्फानी के दर्शन दिसंबर से मार्च तक संभव हैं. हाल ही में हुई बीते माह में जोरदार बर्फबारी के बाद बर्फ से बना शिवलिंग उभरकर आ गया है, जो श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बन गया है।

क्रिसमस और नए साल के अवसर पर औली में शीतकालीन पर्यटन का आनंद लेने वाले पर्यटक अब अपनी यात्रा कार्यक्रम में नीती घाटी की इस प्राकृतिक गुफा को भी शामिल कर सकते हैं। औली और जोशीमठ से लगभग 70 किमी दूर, धौली गंगा घाटी के अंतिम छोर पर बसे नीती गांव के पास टिम्मरसैंण महादेव की गुफा तक पहुंचने के लिए जोशीमठ-मलारी हाईवे से तीन किलोमीटर की पैदल यात्रा करनी पड़ती है।

टिम्मरसैंण महादेव गुफा में बाबा बर्फानी का बर्फ से बना शिवलिंग, बाबा अमरनाथ की याद दिलाता है। पर्यटकों और श्रद्धालुओं का कहना है कि यहां आने से उन्हें अद्भुत आध्यात्मिक शांति का अनुभव होता है, जिसे शब्दों में व्यक्त करना मुश्किल है। इस सीजन की पहली बर्फबारी के बाद नीती घाटी में मौसम खुशनुमा बना हुआ है। पर्यटक बड़ी संख्या में यहां पहुंच रहे हैं।

बर्फ की सफेद चादर से ढकी नीती घाटी और टिम्मरसैंण महादेव गुफा नए साल और क्रिसमस के अवसर पर शीतकालीन पर्यटन के लिए आदर्श स्थल बन चुकी है। पर्यटक यहां प्राकृतिक सुंदरता और आध्यात्मिक अनुभव दोनों का आनंद ले सकते हैं। नीती घाटी तक पहुंचने के लिए दिल्ली से हरिद्वार या ऋषिकेश तक ट्रेन उपलब्ध है। हरिद्वार या ऋषिकेश पहुंचकर पर्यटक बस या टैक्सी से जोशीमठ पहुंच सकते हैं। वहां से नीती गांव की दूरी लगभग 80 किमी है। इस मार्ग में ट्रांसपोर्ट सुविधाएं पर्याप्त हैं। पर्यटक आसानी से घाटी की यात्रा कर सकते हैं।

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