सूखी ठंड की वजह से बढ़ रही है आंख से संबंधित समस्याएं,कंजंक्टिवाइटिस के मामले ने बढ़ाई चिंताएं।

सूखी ठंड की वजह से बढ़ रही है आंख से संबंधित समस्याएं,कंजंक्टिवाइटिस के मामले ने बढ़ाई चिंताएं।

उत्तराखंड- 06 दिसम्बर 2025

उत्तराखंड राज्य में बारिश और बर्फबारी ना होने की वजह से लोगों को परेशान कर रही है। सुबह शाम हो रही ठंड की वजह से जहां एक ओर लोगों को जलन वाली ठंड महसूस हो रही है। तो वहीं, दूसरी ओर ठंड और शुष्क हवाएं लोगों के आंखों की समस्याओं को जन्म दे रही है। जिसके चलते अस्पतालों में मरीजों की तादाद भी बढ़ती जा रही है। लेकिन एक चौंकाने वाली बात यह है कि वर्तमान समय में कंजंक्टिवाइटिस के मामले भी सामने आ रहे जबकि कंजंक्टिवाइटिस से ग्रसित मरीज आमतौर पर बरसात के समय रिपोर्ट किए जाते हैं। लेकिन अब नवंबर दिसंबर के महीने में कंजंक्टिवाइटिस से ग्रसित मरीज अस्पतालों में रिपोर्ट किया जा रहे हैं।

उत्तराखंड में सुबह शाम हो रही ठंड की वजह से ठंडी और शुष्क हवाएं लोगों को बीमार कर रही है। वर्तमान समय में सर्दी जुखाम बुखार के साथ ही आंख से संबंधित मरीजों की संख्या भी अस्पतालों में भर्ती जा रही है मौजूदा स्थितियां है कि दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के नेत्र ओपीडी में रोजाना 30 फ़ीसदी मरीज ठंड की वजह से आंखों में हो रही दिक्कतों से संबंधित आ रहे हैं। जिसकी मुख्य वजह है बिना सुरक्षा के ठंड और शुष्क हवाओं के बीच सफर करना इसके अलावा ठंड से बचने के लिए लोग रूम हीटर का इस्तेमाल करना है। जिसे आंखों का पानी सूख जाता है और फिर आंखों में जलन या फिर रेडनेस हो जाती है।

ठंड के दौरान आपकी समस्याओं से बचने के उपाय⤵️

➡️अपने घर के अंदर टेंपरेचर को बैलेंस रखें।
➡️अत्यधिक रूम हीटर या ब्लोअर का इस्तेमाल न करें।
➡️ब्लोअर का इस्तेमाल करते हैं तो ब्लोअर के सामने एक पानी का बॉउल रखें।
➡️आंखों में ड्राइनेस ना हो इसके लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पिए।
➡️धूप में चश्मा जरूर पहनें।
➡️बिना हाथ धुले आंखों को छूने से बचे, क्योंकि संक्रमण फैल सकता है।
➡️आंखों को मलने या रगड़ने से बचे, क्योंकि इससे आंख में जलन या रेडनेस हो सकता है।

दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के नेत्र विभाग की एचओडी डॉ शांति पांडेय ने कहा कि ठंड के मौसम में ड्राइनेस के मामले काफी अधिक बढ़ जाते हैं। जिसमें मरीजों को आंखों में जलन, सूखापन महसूस होना, आंखों में चुभन होना जैसी समस्याएं होती हैं। ऐसे में मरीजों को आंखों को तरी रखने के लिए कहा जाता है। साथ ही कहा कि ठंड से बचने के लिए जो रूम हॉट हीटर का इस्तेमाल करते हैं उसकी वजह से भी आंखों में ड्राइनेस होती है। जिससे बचने के लिए जरूरी है कि अगर रूम हीटर इस्तेमाल कर रहे हैं तो उसके आगे पानी से भरी एक कटोरी रख दे। जिसे कमरे में नमी बरकरार रहेगी और आंख ड्राई नहीं होगा। इसके अलावा आंखों में नमी बरकरार रखने के लिए आंख में डालने के लिए लुब्रिकेंट दिया जाता है।

आंखों में समस्याओं से संबंधित लक्षण⤵️

➡️आंखों में अचानक चुभन जैसा महसूस होना।
➡️अचानक आंखों में किसी रेत या डस्ट के जाने जैसा महसूस होना।
➡️आंखों में सूखापन या जलन महसूस होना।
➡️आंखों में लालिमा आना और आंसू बहना।
➡️आंखों की पलकें चिपचिपी का होगा।
➡️आंखों में तनाव और थकान महसूस होना।

साथ ही डॉ शांति पांडेय ने कहा कि वर्तमान समय में एक नया पैटर्न देखने को मिला है। जो आमतौर पर ठंड के मौसम में देखने को नहीं मिलता है। वर्तमान समय में कंजंक्टिवाइटिस के मामले देखे जा रहे हैं जबकि ऐसे मामले बरसात के समय और सितंबर महीने तक ही सामने आते थे। लेकिन वर्तमान समय में वायरल कंजंक्टिवाइटिस के मामले सामने आ रहे हैं। इसके अलावा एक खतरनाक बीमारी एडिनो वायरल कंजंक्टिवाइटिस के भी कुछ मरीज सामने आए हैं, जिसमें कॉर्निया (Cornea) पर ब्लैक स्पॉट आ रहे हैं। इससे संबंधित मरीज जब अस्पतालों में पहुंचते हैं तो वो अचानक उनकी आंख में कुछ चला गया है, आंखों में रेडनेस होना, आंखों से पानी निकलना और चुभन होना जैसी समस्याएं बताते हैं। ऐसे में पहली बार उन्होंने देखा है कि नवंबर के महीने में कंजंक्टिवाइटिस सैग्रचित मरीज रिपोर्ट किया जा रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!