कॉर्बेट सफारी बुकिंग के नाम पर ठगी बेंगलोर के मशहूर वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर से डेढ़ लाख रुपये की धोखाधड़ी, फर्जी परमिट का खुलासा।

कॉर्बेट सफारी बुकिंग के नाम पर ठगी बेंगलोर के मशहूर वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर से डेढ़ लाख रुपये की धोखाधड़ी, फर्जी परमिट का खुलासा।

रामनगर (नैनीताल)-27 दिसम्बर 2025

कॉर्बेट नेशनल पार्क में सफारी बुकिंग के नाम पर एक मशहूर वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर के साथ बड़ी ठगी का मामला सामने आया है,आरोप है कि फरमान नाम के व्यक्ति ने एयरपोर्ट-टू-एयरपोर्ट फुल पैकेज और सफारी बुकिंग के नाम पर करीब डेढ़ लाख रुपये की धोखाधड़ी की है। पीड़ित फोटोग्राफर ने इस संबंध में रामनगर पुलिस को तहरीर सौंपकर कार्रवाई की मांग की है।

पीड़ित वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर एस. प्रशांत पुत्र शंकर मूर्ति, निवासी नागराबाबी, बेंगलोर ने बताया कि वह अपनी एक महिला मित्र के साथ जिम कॉर्बेट पार्क के ढिकाला जोन में सफारी के लिए आए थे। उन्होंने बताया कि समस्त बुकिंग फरमान पुत्र नामालूम, निवासी खताड़ी, रामनगर द्वारा कराई गई थी।

पीड़ित के अनुसार फरमान के कहने पर वे 23 दिसंबर 2025 की रात 11 बजे दिल्ली पहुंचे और होटल में रुके, जिसका किराया 1874 रुपये स्वयं भुगतान किया। इसके बाद 24 दिसंबर को फरमान द्वारा भेजी गई टैक्सी से वे दिल्ली से रामनगर पहुंचे, जिसका किराया 9000 रुपये उन्होंने अदा किया। रामनगर पहुंचने पर उन्होंने कॉर्बेट क्राउन रिसॉर्ट में एक दिन का कमरा 1871 रुपये में बुक किया, क्योंकि 25 दिसंबर की सुबह उन्हें सफारी पर जाना था।

पीड़ित का आरोप है कि सफारी के दिन फरमान ने जिप्सी भेजने का आश्वासन दिया, लेकिन दोपहर तक कोई जिप्सी नहीं आई। बाद में फरमान स्वयं आया और बताया कि दोपहर की सफारी रद्द हो गई है। जब अगले दिन यानी 26 दिसंबर की सफारी के बारे में पूछा गया तो उसने साफ मना कर दिया। बाद में परमिट की जांच करने पर पता चला कि दिया गया परमिट फर्जी था।

पीड़ित ने बताया कि फरमान ने अगले वर्ष फरवरी में नागपुर के पेंच टाइगर रिजर्व के लिए भी 22 हजार रुपये एडवांस ले रखे हैं, जिसका परमिट भी अब तक नहीं दिया गया। कुल मिलाकर बेंगलुरु से रामनगर तक आने-जाने, ठहरने, खाने और अन्य खर्चों को मिलाकर लगभग 1.50 लाख रुपये का नुकसान हुआ है, साथ ही मानसिक तनाव और समय की भी क्षति हुई है।

पीड़ित द्वारा पुलिस को सूचना देने पर फरमान को थाने ले जाया गया और मामले की जांच शुरू की गई। वहीं कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के पार्क वार्डन बिंदर पाल ने कहा कि फर्जी वेबसाइटों और टूर ऑपरेटर्स के खिलाफ पहले भी कार्रवाई की गई है और इस मामले में भी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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