गैरसैंण विधानसभा बजट सत्र 2026:राज्यपाल का अभिभाषण शुरू,शाम को सीएम पेश करेंगे बजट।
गैरसैंण-09 मार्च 2026
उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा भवन में आज से विधानसभा का बजट सत्र शुरू हो गया है. सत्र की शुरुआत सुबह 11 बजे राज्यपाल के अभिभाषण से हुई. इसमें सरकार की नीतियों, उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं का खाका सदन के सामने रखा गया है. बजट सत्र के पहले दिन राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में राज्य सरकार की पिछले एक वर्ष की उपलब्धियों के साथ-साथ आगामी योजनाओं और नीतिगत प्राथमिकताओं का उल्लेख किया है. इस अभिभाषण को सरकार के दृष्टिकोण और आगामी विकास योजनाओं की दिशा के रूप में देखा जाता है. राज्यपाल के अभिभाषण के बाद दोपहर 2 बजे विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण सदन में अपने विचार रखेंगी और सत्र की कार्यवाही को आगे बढ़ाएंगी. इसके बाद शाम 3 बजे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेंगे. सरकार के इस बजट पर पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हुई हैं. माना जा रहा है कि बजट में आधारभूत ढांचे के विकास, रोजगार, पर्यटन, कृषि, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्रों पर विशेष फोकस किया जा सकता है. साथ ही पर्वतीय क्षेत्रों के विकास और युवाओं के लिए नई योजनाओं की घोषणा भी संभावित हैं. गैरसैंण में आयोजित होने वाला यह बजट सत्र राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि सरकार अपने कार्यकाल के चार साल पूरे होने की ओर बढ़ रही है. ऐसे में सरकार अपनी उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं के जरिए जनता के सामने अपना रिपोर्ट कार्ड भी पेश करेगी. वहीं बजट सत्र के दौरान विपक्ष द्वारा भी सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की संभावना जताई जा रही है. प्रदेश से जुड़े जनहित के मुद्दों, विकास कार्यों, बेरोजगारी और महंगाई जैसे विषयों पर सदन में चर्चा होने की उम्मीद है.
कांग्रेस विधायकों ने की सत्र अवधि बढ़ाने की मांग⤵️
भराड़ीसैंण विधानसभा परिसर में आज से शुरू हुए बजट में राज्यपाल का अभिभाषण चल रहा है. मंत्रोच्चारण और फूलों से सजे विधानसभा भवन में राज्यपाल का स्वागत किया गया. उधर विपक्ष ने सरकार पर प्रोटोकॉल उल्लंघन और परंपराओं से खिलवाड़ का आरोप लगाया है. सत्र की अवधि को बढ़ाने की मांग को लेकर विधानसभा के बाहर कांग्रेस विधायकों ने हाथों में पट्टिकाएं पकड़ कर प्रदर्शन किया. कांग्रेस विधायक भुवन कापड़ी, हरीश धामी, मनोज तिवारी और अनुपमा रावत ने भी सरकार पर निशाना साधा. उनका कहना है कि सरकार ने पहले से ही बजट सत्र की अवधि तय कर दी है, जो लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है. उनका कहना है कि सामान्य तौर पर विधानसभा सत्र के एजेंडे और अवधि को लेकर सभी पक्षों से चर्चा की जाती है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं किया गया. कांग्रेस विधायकों का आरोप है कि सरकार के पास जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने के लिए कोई ठोस एजेंडा नहीं है. उन्होंने कहा कि प्रदेश में महंगाई, बेरोजगारी, पलायन और विकास जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दे हैं, जिन पर विधानसभा में विस्तार से चर्चा होनी चाहिए। लेकिन सरकार सत्र को छोटा रखकर इन मुद्दों से बचने की कोशिश कर रही है। विपक्ष का कहना है कि प्रश्नकाल के दौरान जनता से जुड़े कई अहम सवाल उठाए जाने थे, लेकिन सत्र की सीमित अवधि के कारण उन पर पर्याप्त चर्चा नहीं हो पाएगी। कांग्रेस विधायकों ने इसे सरकार की विफलता करार देते हुए कहा कि यदि सरकार के पास काम और एजेंडा होता तो सत्र को लंबा चलाने से परहेज नहीं किया जाता।
