गैरसैंण के गायक कलाकार मृणाल रतूडी को संस्कृति विभाग की सूची में स्थान।
गैरसैंण- 04 फरवरी 2026
रिपोर्ट- प्रेम संगेला
ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण निवासी गायक कलाकार मृणाल रतूडी के उत्तराखंड संस्कृति विभाग द्वारा लोकगायक की सूची में शामिल किऐ जाने पर उनके गृह क्षेत्र में खुशी की लहर है। मृणाल रतूडी को संस्कृति विभाग द्वारा “बी श्रेणी ” के गायकों की मान्यता सूची में स्थान दिए जाने पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इसे गैरसैंण क्षेत्र के लिए गौरवमयी उपलब्धि बताया है।
बचपन से ही गायकी के शौकीन रहे मृणाल ने स्कूली शिक्षा के दौरान ही गायन शुरू कर दिया था। गायक के रूप में पहचान बनाने की उनकी जिद के आगे शिक्षक माता-पिता ने भी उनको भरपूर सहयोग दिया। स्कूली सफर से ही मृणाल ने जहां धार्मिक आयोजनों में भक्तिसंगीत की प्रस्तुतियां देनी शुरू कर दी थी, वहीं स्थानीय मेलों में भी स्टेज गायकी शुरू कर दी। बचपन से ही गायक बनने का उनके जुनून के सफर की शुरुआत में ,महज 10 वर्ष की उम्र में ही 2008 में ईटीवी द्वारा आयोजित झुमिगो के जूनियर फाईनेलिस्ट सूची में स्थान बनाया।जिसके बाद 2017 में श्रीनगर के सितारा सूची में जगह बनाने के साथ ही ,इसी वर्ष वायस आफ गढवाल के विजेता बने। गायकी के सफर में साल 2019 व 2021 में झुमिगो जूनियर गायकों की टाप छ सूची में जगह बनाने में कामयाब रहे ।मृणाल का गायकी के क्षेत्र में लगातार संघर्ष जारी रहा ,ओर वर्ष 2021 में पहली गढवाली एलबम “गैरसैंण बजारा “ने उन्हें बतौर गायक कलाकार पहचान दिलाई,जिसके बाद लोकगायिका पम्मी नवल के साथ उनकी जुगलबंदी से “भैजी की बरात, मजाकिया भिना ,छैला मेरा बाबा -की नाथ शंभू भोले” ओर हालिया दिनों में रिलीज हुए गढवाली एलबम रफ्फूचक्कर के साथ गायकी का सफर जारी है। मृणाल की बहुआयामी प्रतिभा को देखते हुए आकाशवाणी ने कुछ समय पहले ही उन्हें लोकगायक व गढवाली समाचार प्रस्तोता के रूप में उत्तराखंड की टीम में शामिल किया है।
मृणाल के पिता सत्यप्रकाश रतूडी प्रवक्ता पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं ,जबकी माता पुष्पा रतूडी वर्तमान में प्रधानाचार्य पद पर कार्यरत हैं।मृणाल की उपलब्धि पर कर्णप्रयाग विधायक अनिल नौटियाल, राज्य मंत्री रामचंद्र गौड ,प्रमुख दुर्गा रावत ,नपं अध्यक्ष मोहन भंडारी ,जिला पंचायत सदस्य सुरेश बिष्ट ,ज्येष्ठ प्रमुख लीलाधर जोशी आदी ने खुशी व्यक्त की।
