अनुसूचित जाति के लोगों के शमशान घाट पर पसरा कचरा बना परेशानी का सबब,खतरनाक क्षतिग्रस्त रास्ता दे रहा दुर्घटनाओं को आमंत्रण।
मेहलचौरी (गैरसैंण)-09 फरवरी 2026
रिपोर्ट- प्रेम संगेला
विकासखंड गैरसैंण के अंतर्गत रंगचौड़ा गांव के अनुसूचित जाति बस्ती का मेहलचोरी बाजार के समीप स्थित शमशान घाट क्षतिग्रस्त रास्ते और घाट के पास पसरी गंदगी व मलवे के कारण परेशानी का सबब बना हुआ है। जिसके चलते यहां पर अंतिम संस्कार को आने वाले परिवारों को खासी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। ग्राम पंचायत रंगचौड़ा में अनुसूचित जाति के लगभग 25 परिवार निवास करते हैं,जिनका शमशान घाट मेहलचोरी-माईथान सड़क पर बाजार से महज 200 मी आगे रामगंगा नदी के तट पर स्थित है,लेकिन घाट तक पहुंचने वाला संपर्क मार्ग जहां बुरी तरह से क्षतिग्रस्त होकर चलने लायक नहीं बचा है, वहीं सड़क से घाट की तरफ फेके गए मलवे और कचरे से घाट पर गंदगी पसरी हुई है, जिससे यहां पर अंतिम संस्कार करने वालों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
मामले को लेकर परिवार के नंदकिशोर ने कहा कि घाट के नजदीक डंपरों से मलवा डाला जाता है, जिससे एक तरफ घाट का स्वरूप ही बिगड़ गया है, वही गंदगी फेक जाने से रामगंगा नदी भी दूषित हो रही है,जिससे यहां पर अंतिम संस्कार की क्रिया करना भी मुश्किल हो गया है। जबकि घाट को जाने वाला रास्ता गधेरे के समीप होने के कारण हर बरसात में बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो जाता है ,जिससे शव लेकर घाट तक जाना मुश्किल भरा काम होने के साथ ही दुर्घटना का खतरा बना रहता है। समस्या को लेकर ग्रामीण रमेश राम,चंद्रशेखर,विनोद कुमार,हरीश कुमार,ब्रजमोहन कुमार,प्रेम राम,हरि राम,राजू राम,बिल्लू राम आदि ने प्रशासन से घाट के समीप मलवा व कचरा फेंकने वालों पर रोक लगानी के साथ ही वैकल्पिक मार्ग बनाने की मांग की है।
मामले को लेकर प्रधान रंगचौणा मनोज नेगी ने कहा की,ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए सुरक्षित मार्ग बनाने के साथ ही मलवा व कचरा फेंकने वालों पर रोक लगाई जाएगी,साथ ही घाट पर प्रतीक्षालय निर्माण की भी योजना है।
