उक्रांद की हुंकार बनाएंगे सरकार,9 मार्च को विधानसभा घेराव की तैयारी को तेज किया जनसम्पर्क। आशीष नेगी व पुष्पेश त्रिपाठी की प्रैस वार्ता,भाजपा कांग्रेस के पाटों के बीच फंसा उत्तराखंड,26 सालों से पीस रही आमजनता।

उक्रांद की हुंकार बनाएंगे सरकार,9 मार्च को विधानसभा घेराव की तैयारी को तेज किया जनसम्पर्क।

आशीष नेगी व पुष्पेश त्रिपाठी की प्रैस वार्ता,भाजपा कांग्रेस के पाटों के बीच फंसा उत्तराखंड,26 सालों से पीस रही आमजनता।

गैरसैंण-07 मार्च 2026
रिपोर्ट-प्रेम संगेला.

ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में 9 मार्च से 13 मार्च तक आयोजित होने वाले पांच दिवसीय बजट सत्र को लेकर उक्रांद ने विधानसभा घेराव की तैयारी तेज कर दी है।घेराव कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए उक्रांद के सक्रिय नेता व युवा प्रकोष्ठ के केंद्रीय अध्यक्ष आशीष नेगी आजकल गैरसैंण क्षेत्र में भी सक्रिय हैं। इस दौरान वे विभिन्न गांवों का भ्रमण कर आमजन को उक्रांद के साथ जुड़ने का आह्वान करने के साथ ही विधानसभा घेराव कर लिए भी समर्थन मांग रहे हैं।

पहाड के हित में सरकार को बदलने का आह्वान करते हुए गैरसैंण के जीएमवीएन गेस्ट हाउस में आयोजित पत्रकार वार्ता में आशीष नेगी ने कहा की उत्तराखंड भाजपा और कांग्रेस दलों की राजनीति में फंसकर रह गया है,जिसमें उत्तराखंड की आम जनता पीस रही है। राष्ट्रीय दलों की जकड़न से उत्तराखंड को मुक्त करने की बात कहते हुए उन्होंने कहा की उक्रांद की सरकार बनने पर पहली केबिनेट में ही गैरसैंण को स्थाई राजधानी घोषित किया जाएगा। वहीं परिसीमन को भौगोलिक आधार पर लागू किया जाएगा,जिससे विधायकों की संख्या 100 से ज्यादा होगी। उन्होंने कहा की उत्तराखंड के बेहतर विकासीय नियोजन के लिए गढ़वाल व कुमाऊं में एक-एक नयी कमीश्नरी का गठन किया जाएगा। पर्वतीय क्षेत्रों के विकास के लिए नए जनपदों की आवश्यकता है,जिसके तहत कुल 26 जिलों का ब्लू प्रिंट भी उक्रांद द्वारा तैयार किया गया।

उन्होंने कहा कि 2027 में उक्रांद की सरकार बनते ही मूल निवास व भू कानून को उत्तराखंड के हितों के हिसाब से आम जनता की राय से तैयार कर तत्काल लागू किया जाएगा। वर्तमान में उक्रांद में युवाओं के बढ़ते प्रतिनिधित्व को लेकर उन्होंने कहा कि उक्रांद के संघर्षों के परिणाम से ही उत्तराखंड राज्य का निर्माण हुआ था ,वर्तमान में उक्रांद के संघर्षील ओर अनुभवी नेतृत्व की देखरेख में युवाओं की टीम गांव ओर बूथों पर सम्पर्क का कार्य कर जनाधार बढा रही है,जिसके तहत उत्तराखंड के कुल 11524 विधानसभा बूथों में से अभी तक 3700 बूथों पर सक्रिय प्रबंधन टीम तैयार कर ली गयी है ।जल्द ही शेष बूथों तक पहुंचकर जनता तक अपनी बात पहुंचाने के साथ ही संगठन का गठन भी किया जाएगा। जिसमें महिला और सैनिक प्रकोष्ठ भी सक्रिय होकर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि 26 सालों में भाजपा और कांग्रेस ने बारी-बारी से पर्वतीय क्षेत्रों की समस्याओं को बढ़ाने का काम किया है ,जिसके तहत शिक्षा और स्वास्थ्य की सुविधाओं को सुनियोजित तरीके से बर्बाद कर पलायन को बढाने का काम किया जा रहा है,जिससे एक तरफ भविष्य में पहाडों में विधानसभा की सीटें घटनी तय है,वहीं राष्ट्रीय दलों के लिए पहाड का मुद्दा ही समाप्त हो जाएगा। पूर्व में उक्रांद के विधायकों के समर्थन से बनी भाजपा और कांग्रेस की सरकारों को लेकर उन्होंने कहा कि वर्तमान भाजपा सरकार में अधिकांश मंत्री कांग्रेस के ही हैं,जबकि उनके विधायकों ने कांग्रेस बीजेपी को समर्थन देकर भी गैरसैंण को राजधानी बनाए जाने का मुद्दा जीवंत रखा था। जबकि वर्तमान में कोई भी पहाड़ी विधायक गैरसैंण राजधानी के पक्ष में बोलने को तैयार नहीं है। वहीं सत्ता पक्ष के विधायक गैरसैंण में ठंड लगने और ऑक्सीजन की कमी की बात करते हैं ,उन्हें एहसास ही नहीं है कि भारी बर्फवारी के मौसम में भी पहाड़ की महिलाएं जंगलों से चार पत्ती लेकर आती हैं ओर जंगली जानवरों के हमलों में अपनी जान भी गंवा रहे हैं। जब तक सरकार गैरसैंण में नहीं बैठेगी नेताओं अधिकारीयों व उनके परिजनों को पहाड़ की पीड़ा समझ में नहीं आएगी।

गैरसैंण में ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाए जाने को लेकर उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने नकली राजधानी बनाई है ,गैरसैंण तहसील में उपजिलाधिकारी की नियुक्ति न होने पर उन्होंने तंज कसते हुए कहा की सरकार अब गैरसैंण को नकली जिला बनाकर क्षेत्रवासियों के तुष्टीकरण की चाल भी चली सकती है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में माहौल पूरी तरह उक्रांद के पक्ष में है उनकी पार्टी आम जन भावनाओं के अनुरूप राजधानी सहित अन्य मुद्दों की लड़ाई को निरंतर सड़कों पर लड़ेगी। विधानसभा घेराव को लेकर उन्होंने कहा कि सरकार कि गलत नीतियों को लेकर उत्तरकाशी से लेकर पिथौरागढ़ तक ऊधम सिंह नगर से लेकर टिहरी देहरादून तक सभी जनपदों से उक्रांद कार्यकर्ताओं के साथ ही आम जनमानस भी शामिल होकर सरकार को गैरसैंण राजधानी घोषित करने या पहाड हित में गद्दी छोडने लिए दबाव बनाएगी।

इस मौके पर द्वाराहाट के पूर्व विधायक पुष्पेश त्रिपाठी ने कहा कि उक्रांद के संघर्षों ओर शहादतों से मिले इस राज्य की भावनाओं को राष्ट्रीय दलों ने कभी समझा ही नहीं ,अब वक्त आ गया है की क्षेत्रीय दल उक्रांद की सरकार को चुनकर उत्तराखंडवासी अपने हितों के हिसाब से अपने कानून बनाएं ।इस अवसर पर युवा प्रकोष्ठ के केंद्रीय सलाहकार दीपक ढोंडियाल, बलवंत सिंह बिष्ट “बल्ली”, मिडिया प्रभारी नरेंद्र सिंह रावत,पंकज धीमन आदि उपस्थित रहे ।

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