गैरसैंण क्षेत्र में गुलदार का आतंक जारी,फरसौं के छपरीसैंण गांव में गाय को बनाया निवाला।

गैरसैंण क्षेत्र में गुलदार का आतंक जारी,फरसौं के छपरीसैंण गांव में गाय को बनाया निवाला।

3 सप्ताह में 8 घटनाओं में 15 गोवंश बने निवाला,वन विभाग का प्रयास विफल गोगना में पिंजरा तोडकर भागा गुलदार,ट्रैप कैमरे में दिखा गुलदार।

क्षेत्र में दो दर्जन से ज्यादा गुलदारों के सक्रिय होने की आशंका से ग्रामीण में भय का माहौल

मेहलचोरी (गैरसैंण)-19 जनवरी 2026
रिपोर्ट- प्रेम संगेला.

विकासखंड गैरसैंण के अंतर्गत गुलदार के हमले लगातार बढते ही जा रहे हैं ,जिससे ग्रामीण खतरे ओर तनाव के बीच जीवन जीने को मजबूर हैं ।दूसरी तरफ मामले से जुडा वन विभाग फिलहाल गंभीर प्रयास करता नजर नहीं आ रहा है। हिंसक गुलदार को पकड़ने के मामले में बडी मुश्किल से गोगना गांव में फंसा गुलदार पिंजरा तोडकर भाग निकला जिसको लेकर वन विभाग के ढीले रवैये को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश बढता जा रहा है।

ताजा घटनाक्रम में रविवार की रात आगर-फरसों ग्राम पंचायत के अंतर्गत छपरीसैंण में गुलदार गौशाले का दरवाजा तोड़कर तारा देवी पत्नी चन्दरी राम की दुधारू गाय को मारकर 50 मीटर नीचे सड़क पर ले गया। सुबह दुध दुहने गौशाला जा रही तारा देवी ने घर के नजदीक सडक पर गाय का अधखाया शव देखा तो तब परिजनों के माध्यम से वन विभाग के अधिकारीयों को घटना की सूचना दी गयी। मामले में ग्राम प्रधान अमित रावत और क्षेत्र पंचायत सदस्य मनवर सिंह बिष्ट ने वन विभाग से मामले में त्वरित कार्रवाई की मांग कर एक और जहां गरीब परिवार की महिला को मुआवजा दिलाने की मांग की है ,वहीं पिंजरा लगाकर गुलदार को पकड़ने की मांग की गई है।

मामले में वन विभाग को खतरनाक हो चुके गुलदारों को पकड़ने में अब तक कोई सफलता नहीं मिल पाई है। गोगना गांव में 16 जनवरी को 3 गायों को निवाला बनाने वाले गुलदार को पकडने के लिए पिंजरा लगाया गया था,ग्रामीणों ने बताया की रविवार की रात गुलदार पिंजरे में फंसा था,लेकिन पुराने पिंजरे की कमजोर सरिया को तोडकर रफूचक्कर हो गया। वन विभाग द्वारा लगाए गये ट्रैप कैमरा में गुलदार की उपस्थिति दर्ज की गयी है।

उल्लेखनीय है कि बीते दिसंबर माह के अंतिम सप्ताह से गुलदार ने सीमावर्ती गढ़वाल-कुमाऊं के इस क्षेत्र में सक्रिय होकर 3 सप्ताह में अब तक कुल 11 घटनाओं को अंजाम देकर 23 गोवंश को अपना निवाला बना लिया है।विकासखंड गैरसैंण के अंतर्गत रंगचौड़ा ,ऊजिटिया,भंडारीखोड,कोठा,तिमिलपानी,घन्यालीगांव,गोगना व फरसों को मिलाकर कुल 8 घटनाओं में 15 गोवंश को अपना निवाला बना लिया है। उक्त सभी घटनाओं में गुलदार गौशालाओं का दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हो रहा है,लगभग एक माह से गुलदार की हिंसक घटनाएं देखने को मिल रही हैं, ग्रामीणों ने गुलदार को पकड़े जाने की मांग पर वन विभाग फिलहाल अभी एक गांव से दूसरे गांव में पिंजरा लगाने तक ही सीमित रह गया है,जबकि एक भी गुलदार अभी तक पकड़ में नहीं आया है। जिससे दिनों-दिन ग्रामीणों में गुलदार का भय बढ़ता जा रहा है। ग्रामीण एक और जहां अपने बच्चों ओर बुजुर्गों के जीवन को लेकर चिंतित हैं वहीं दूसरी ओर परिवार के लिए दूध की आपूर्ति के साथ ही आजीविका के साधन के रूप में पाले गए गोवंश लगातार निवाला बन रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!