बद्रीनाथ धाम के लिए गौचर से संचालित होगी हेली सेवा,केदारनाथ धाम के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू,इस साल नहीं बढ़ेगा किराया।

बद्रीनाथ धाम के लिए गौचर से संचालित होगी हेली सेवा,केदारनाथ धाम के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू,इस साल नहीं बढ़ेगा किराया।

उत्तराखंड- 09 फरवरी 2026

उत्तराखंड राज्य में आगामी अप्रैल महीने से शुरू होने जा रही चारधाम यात्रा की दृष्टिगत तैयारियां तेज हो गई है। जहां एक ओर पर्यटन विभाग एवं बीकेटीसी ने अपनी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। तो वहीं, दूसरी ओर नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण ने भी हेली सेवाओं से संबंधित टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी हैं। दरअसल, तीन साल पहले हेली कंपनियों के साथ हुआ टेंडर समाप्त हो चुका है। ऐसे में इस साल फिर नए सीरे से टेंडर प्रक्रिया की जानी है। लिहाजा, संभावित जताई जा रही है कि साल 2026 के दौरान हेली सेवाओं के किराए में भी बढ़ोत्तरी हो सकती है.चारधाम हेली शटल सेवाओं को लेकर क्या है तैयारी,किन-किन महत्वपूर्ण बिंदुओं पर किया जा रहा है फोकस?देखिए रिपोर्ट:⤵️

उत्तराखंड चारधाम की यात्रा इस साल अप्रैल महीने से शुरू होने जा रही है। संभवतः अक्षय तृतीया के दिन यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट खोलने के साथ ही चारधाम की यात्रा शुरू हो जाती है। हालांकि, बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि तय हो चुकी है जिसके तहत 23 अप्रैल को बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलेंगे। जबकि महाशिवरात्रि के दिन बाबा केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि निर्धारित की जाएगी। दरअसल, केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि तय होने के साथ ही हेली सेवाओं के संचालन की तिथि भी तय हो जाएगी इसके साथ ही उससे पहले इस तिथि से बुकिंग प्रक्रिया भी शुरू होगी। जिसको देखते हुए उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण तैयारी में जुटा हुआ है। खास बात यह है कि इस साल केदारनाथ धाम के साथ ही बद्रीनाथ धाम के लिए भी शटल हेली सेवाओं का संचालन किया जाएगा। दरअसल, यूकाडा ने गौचर से बद्रीनाथ धाम के बीच हेली सेवाओं के संचालन के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर चुकी है। ऐसे में जल्द ही टिकट की दरों का निर्धारण भी कर लिया जाएगा। इसके अलावा,केदारनाथ धाम के लिए इस साल नए शिरे से टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। लेकिन इस साल हेली सेवाओं के किराए में बढ़ोत्तरी नहीं की जाएगी।

केदारनाथ धाम के लिए हर साल गुप्तकाशी सिरसी और फाटा हेलीपैड से हेली सेवाओं का संचालन किया जाता है। इन तीनों हेलीपैड से 9 एविएशन कंपनियां केदारनाथ धाम के लिए हेली सेवा का संचालन करती हैं। साल 2023 में इन कंपनियों के साथ यूकाडा का अनुबंध हुआ था लेकिन ये अनुबंध साल 2025 में समाप्त हो गया। जिसके चलते यूकाडा ने इस साल नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। हर साल केदारनाथ धाम के लिए हेली सेवाओं की काफी अधिक मांग रहती है लेकिन पिछले साल उत्तरकाशी एवं केदारघाटी में हुए दो बड़े हेलिकॉप्टर हादसों के चलते हेली सेवाओं की सुरक्षा पर सवाल उठने लगे। लिहाजा डीजीसीए की ओर से तमाम दिशा निर्देश दिए गए। आगामी अप्रैल महीने से केदारनाथ धाम के लिए शुरू होने वाले हेली सेवाओं की सुरक्षा के दृष्टिगत डीसीए और यूकाडा की पहली बैठक हो चुकी है। हालांकि, बैठक के दौरान पिछले साल चारधाम यात्रा के दूसरे चरण में लिए गए सभी निर्णयों को इस साल भी लागू करने का निर्णय लिया गया है। जिसके तहत अगर अचानक मौसम खराब होता है तो हेलीकॉप्टर को उड़ान की अनुमति नहीं दी जाएगी। सुबह सूर्योदय के बाद और शाम को सूर्यास्त  से पहले तक ही हेली सेवाओं का संचालन होगा। इसके साथ ही इस साल भी केदारनाथ हेली सेवाओं में हेलीकॉप्टर के उड़ान को 30 फ़ीसदी कम करने का निर्णय लागू रहेगा। हालांकि, खास बात यह है कि इस साल हेली सेवाओं के किराए में कोई बढ़ोत्तरी नहीं की जाएगी।

वही, उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण के सीईओ आशीष चौहान ने कहा कि केदारनाथ धाम के लिए हेली सेवाओं के संचालन संबंधित डॉक्यूमेंट तैयार होने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। ऐसे में डीजीसीए की ओर से जो दिशा निर्देश पिछले साल जारी हुए थे उसी निर्देशों के आधार पर नए टेंडर जारी किए गए हैं। साथ ही कहा कि पिछले साल चारधाम यात्रा के दूसरे चरण में शटल सेवाओं के उड़ान में 30 फ़ीसदी की कमी कर दी गई थी। ऐसे में इस साल पहले सीमाओं का जो किराया होगा वो पिछले साल की तरह ही होगा। सीईओ आशीष चौहान ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर गोचर से बद्रीनाथ धाम के लिए पहले सेवाओं का संचालन शुरू करने जा रहे हैं। ऐसे में जो यात्री हेलीकॉप्टर के जरिए गोचर से बद्रीनाथ धाम जाना चाहते हैं उनको यह सेवाएं उपलब्ध होगी। इसको लेकर टेंडर प्रक्रिया भी पूरी की जा चुकी है। ऐसे में उन्हें उम्मीद है कि गोचर से बद्रीनाथ धाम के बीच सभी सेवाओं के संचालन से श्रद्धालुओं को लाभ मिलेगा।साथ ही बताया कि पिछले साल चार धाम यात्रा के दूसरे चरण के दौरान तमाम चीजों को ध्यान में रखा गया था। इसके साथ ही, एटीसी लगाने और वेदर कंडीशन को देखने के लिए  एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया, आईएमडी एवं डीजीसीए का एक प्रतिनिधि की नियुक्ति सहस्त्रधारा हेलीपोर्ट पर की जाएगी। लिहाजा, सभी हेली ऑपरेशंस को मॉनिटरिंग करने के साथ ही कंट्रोल किया जा सकेगा। ऐसे अगर नियमों का कोई उल्लंघन होता है तो तत्काल कार्रवाई कर सकेंगे। साथ ही बताता कि चारधाम के दौरान हेली सेवाओं का संचालन, सूर्योदय के बाद और सूर्यास्त से पहले तक की अनुमति दी गई है।

हर साल चारधाम यात्रा के दौरान हेली टिकटों के ब्लैक होने का मामला सामने आता है। जिसको देखते हुए जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और आईटीडीए के साथ लगातार कोशिश की जाएगी की टिकटों की ब्लैक मार्केटिंग न होने पाए। इसके साथ ही प्रचार प्रसार भी किया जाएगा कि फेक वेबसाइट पर लोग टिकट बुक ना करें। इसके साथ ही अगर कहीं टिकटों के कालाबाजारी का मामला सामने आता है तो तत्काल कार्रवाई करने का सिस्टम तैयार करेंगे। लिहाजा ऐसे मामलों पर कार्रवाई करने के लिए उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण का मैकेनिज्म तैयार करने के साथ ही प्रशासन के दूसरे विभागों की भी मदद लेंगे।

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