मानव-वन्यजीव संघर्ष से स्कूलों के नोनिहालों को भी खतरा।
उत्तराखंड- 12 दिसम्बर 2025
उत्तराखंड में लगातार बढ़ रही मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं ने अब आम लोगों के साथ-साथ स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता खड़ी कर दी है.कई जनपदों में जंगली जानवर आबादी वाले इलाकों तक पहुंच रहे हैं,जिससे बच्चों के स्कूल आने-जाने पर खतरा मंडरा रहा है.हालात को देखते हुए सरकार और वन विभाग अलर्ट मोड में आ गया है.
उत्तराखंड में मानव वन्य जीव संघर्ष तेजी से बढ़ रहा है खासकर गुलदार और भालू के हमले से लोगों की जान माल का खतरा है वही आए दिन प्रदेश के पहाड़ी इलाके में गुलदार और भालू के हमले की घटना सामने आती है.जिसको लेकर वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग और इस साल अत्यधिक बारिश होने के कारण जानवरों के स्वभाव में बदलाव और उग्रता देखने को मिल रही है, जिस कारण से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. जहां पहाड़ों पर स्कूल जाने वाले बच्चों को जंगली जानवरों से बचाने के लिए उन्हें एस्कॉर्ट देने जैसे कदम उठाए जा रहे हैं वहीं सरकार ने मुआवजे की राशि और वन विभाग को निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं ताकि इस गंभीर समस्या से निपटा जा सके।
वहीं शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि प्रदेश के कई इलाकों में इन दिनों गुलदार,भालू और अन्य जंगली जानवरों की बढ़ती गतिविधियों के कारण दहशत का माहौल है.कई जगहों पर स्कूल जाने वाले बच्चों को जान का खतरा बना हुआ है.हालात की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग की टीमें लगातार गश्त कर रही हैं.संवेदनशील इलाकों में पिंजरे लगाए गए हैं और जानवरों को ट्रैंकुलाइज करने की कार्रवाई भी जारी है.कहा कि सरकार की ओर से यह भी साफ निर्देश दिए गए हैं कि अगर किसी स्थान पर स्थिति बेकाबू होती है और जन-जीवन पर सीधा खतरा बनता है, तो सख्त कदम उठाने से भी पीछे नहीं हटेंगे.शिक्षा विभाग की ओर से बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रभावित इलाकों के प्राथमिक स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था की गई है.वहीं कुछ स्कूलों में बच्चों को सुरक्षित लाने-ले जाने की जिम्मेदारी वन विभाग की टीम निभा रही है.शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत का कहना है कि जहां-जहां दिक्कत सामने आई, वहां तुरंत एक्शन लिया गया है और अब हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं.प्रदेश में जंगली जानवरों की बढ़ती गतिविधियों से कुछ जनपदों में दिक्कत आई है.जहां भी घटनाएं हुई हैं, वहां तुरंत वन विभाग की टीम तैनात की गई है, पिंजरे लगाए गए हैं और स्थिति पर नजर रखी जा रही है.बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए कुछ स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई कराई जा रही है और कहीं-कहीं वन विभाग की टीम बच्चों को स्कूल लाने–ले जाने का काम भी कर रही है। अब धीरे-धीरे स्थिति सामान्य हो रही है।
गौरतलब है कि पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बढ़ते मानव–वन्यजीव संघर्ष ने प्रशासन की चुनौतियों को और बढ़ा दिया है.ऐसे में सरकार के सामने जहां वन्यजीवों का संरक्षण एक जिम्मेदारी है, वहीं लोगों और खासतौर पर बच्चों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता बनी हुई है।
