पिथौरागढ़ के जौलजीबी इलाके में सगे भाई ने चाची और चचेरे भाइयों के साथ मिलकर अपने भाई को मार डाला।

पिथौरागढ़ के जौलजीबी इलाके में सगे भाई ने चाची और चचेरे भाइयों के साथ मिलकर अपने भाई को मार डाला।

पिथौरागढ़-24 मार्च 2026

सीमांत पिथौरागढ़ जिले के जौलजीबी क्षेत्र में सगे भाई ने चाची और चचेरे भाइयों के साथ मिलकर अपने ही एक भाई की हत्या कर दी। घटना के बाद आरोपियों ने शव को जंगल में ले जाकर छिपा दिया। ताकि, मामला सामने न आ सके। वहीं, अब पुलिस ने चार आरोपी (चाची, सगा भाई और दो चचेरे भाइयों) को गिरफ्तार कर लिया है। जिनके पास से हत्या में इस्तेमाल सामग्री भी बरामद कर ली गई है।

जौलजीबी पुलिस के मुताबिक, मृतक की पहचान धारचूला विकासखंड के किमखोला के भगतिरुवा तोक निवासी कुंदन सिंह रजवार के रूप में हुई है, जो वनराजी जनजाति समुदाय का था। बताया जा रहा है कि बीती 22 मार्च की शाम को कुंदन का अपनी चाची बसंती देवी से विवाद हो गया था। विवाद बढ़ा तो बसंती देवी के बेटे रमेश सिंह और जनक सिंह भी विवाद में कूद गए। इसके साथ ही कुंदन का सगा भाई प्रदीप सिंह भी आ गया। विवाद इतना बढ़ गया कि उसके चाची, चचेरे और सगे भाई के सिर पर खून सवार हो गया। जहां चारों ने मिलकर कुंदन सिंह पर लोहे की पाइप और लकड़ी के डंडों से बेरहमी से पिटाई कर दी।हमला इतना खतरनाक था कि कुंदन ने मौके पर दी दम तोड़ दिया। कुंदन के दम तोड़ते ही उनके होश फाख्ता हो गए। आनन-फानन में सभी ने मिलकर शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई।

वहीं, घटना को छिपाने के लिए अगले दिन सुबह आरोपियों ने कुंदन की डेड बॉडी को घर से उठाकर झिपुखोला गदेरे के पास मौजूद जंगल में ले गए जहां उन्होंने शव को पत्थरों और मिट्टी से ढक दिया। ताकि, किसी को हत्या की भनक न लगे और मामला दबा रहे। उधर, 23 मार्च को कुंदन की पत्नी रेखा देवी ने जौलजीबी पुलिस को तहरीर दे दी, जिसके आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया और जांच शुरू की।

जौलीजीबी थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दबिश दी और चारों आरोपियों को दबोच लिया। पूछताछ करने पर उन्होंने अपना जुर्म कबूला. इसके बाद उनकी निशानदेही पर कुंदन का शव जंगल से बरामद किया। वहीं, पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के साथ ही आगे की कार्रवाई में जुट गई है।

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