गैरसैंण के कुनीगाड में गुलदार ने दो गायों को फिर बनाया निवाला,विधायक अनिल नौटियाल ने गुलदार को मारने का दिया सुझाव।
एक माह में दर्जनभर हमलों में 25 गोवंश की मौत,ग्रामीणों का आक्रोश देख शिकारी लखपत सिंह रावत को किया टीम में शामिल।
मेहलचौरी (गैरसैंण)-21 जनवरी 2026
रिपोर्ट-प्रेम संगेला.
विकासखंड गैरसैंण के मेहलचोरी न्याय पंचायत में गुलदार का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है ।मंगलवार की रात गुलदार ने कुनीगाड क्षेत्र के भंडारीखोड में प्रेमबल्लभ थपलियाल पुत्र परमानंद थपलियाल के गौशाला का दरवाजा तोड़कर जहां दो गायों को निवाला बना लिया वहीं एक गाय को दांत व नाखून मार कर घायल कर दिया।
हिंसक गुलदार के दिनों दिन बढ़ते हमलों से अब ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है वहीं मामले में क्षेत्रीय विधायक अनिल नौटियाल ने गुलदारों के बढते हमलों पर नाराजगी जताते हुए डीएफओ चमोली से बात कर हिंसक गुलदारों को अनुमति लेकर मारे जाने की बात कही है। वहीं बढती घटनाओं ओर जनदबाब के बाद वन विभाग ने प्रसिद्ध शिकारी व हिंसक पशु विशेषज्ञ लखपत सिंह रावत को भी मैदान में उतार दिया है।मंगलवार की रात गुलदार ने एक बार फिर कुनीगाड क्षेत्र के भंडारीखोड गांव में दो गायों को निवाला बना डाला ,वहीं एक को घायल कर दिया । भंडारीखोड गांव में ही गुलदार के हमले की यह दूसरी घटना है ,जबकि कुनीगाड क्षेत्र में ही यह अब तक की पांचवीं घटना है ।न्याय पंचायत मेहलचोरी चोरी में गुलदारों ने अब तक कुल 9 हमलों में 17 गायों को निवाला बना डाला है ।जबकि सीमावर्ती क्षेत्र गढ़वाल कुमाऊं के अंतर्गत एक माह में घटित कुल दर्जनभर घटनाओं में 2 दर्जन से ज्यादा गोवंश मारे जा चुके हैं ।वहीं अब तक सीमांत अल्मोड़ा जनपद के पुरानालोहवा गांव 2 जबकि कुनीगाड से लगे भनोटिया में 1 गुलदार पकडे जाने के बाबजूद क्षेत्र में सक्रिय गुलदारों की बडी संख्या बताई जा रही है,जबकि वन विभाग ज्यादा संख्या होने से मुंह मोडता रहा है,जिससे ग्रामीणों में भारी रोष पैदा हो रहा है।
बढती घटनाओं ओर इंसानों पर हमले की संभावनाओं से डरा हुआ वन विभाग भी अब हरकत में दिखाई दे रहा है ।जिसको लेकर गैरसैंण निवासी प्रसिद्ध शिकारी व हिंसक पशु विशेषज्ञ लखपत सिंह रावत को भी मैदान में उतार दिया गया है, जिसके तहत मचान बनाकर गुलदार को ट्रेंकुलाइज कर पकड़ने की जुगत लगाई जा रही है ।लेकिन पिछले सप्ताह भर से चल रहे इस अभियान में अब तक कोई भी सफलता नहीं मिल पाई है। जबकि विभाग द्वारा अलग-अलग जगह पर पिंजरे भी लगाए जा रहे हैं ,एक घटना में गोगना में पिंजरे में फंसा गुलदार सरिया तोड़कर रफूचक्कर हो गया था ।वहीं पिछले एक माह के दौरान विभाग ने आधा दर्जन से ज्यादा जगहों पर पिंजरा लगाकर गुलदार को पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन नाकामी ही हाथ लगी है।
मामले में क्षेत्रीय विधायक अनिल नौटियाल ने कहा कि गुलदार का व्यवहार अत्यंत हिंसक हो चला है ,जिससे गौपालन कर रोजी रोटी कमाने वाले परिवारों के साथ ही ग्रामीण भी दहशत में जीने को मजबूर हैं ,जिसको लेकर वन विभाग के अधिकारियों को ऐसे हिंसक गुलदारों की पहचान कर मारे जाने के लिए परमिशन लेने को कहा गया है। वन क्षेत्राधिकार लोहवा रेंज प्रदीप गौड़ ने बताया कि गुलदार की हिंसक प्रवृत्तियों को देखते हुए अब पिंजरा लगाने के साथ ही ट्रेंकुलाइज का प्रयास भी किया जा रहा है ,वहीं आलाअधिकारीयों को सूचित कर हिंसक गुलदारों को मारे जाने का आदेश देने की भी गुजारिश की गई है। प्रसिद्ध शिकारी व हिंसक पशु विशेषज्ञ लखपत सिंह रावत ने कहा कि गुलदार का इस तरह गौशाला तोड़कर गोवंश को लगातार निशाना बनाना वाकई डरावना है ,जो निकट भविष्य में मनुष्यों पर भी हमला कर सकता है लिहाजा इसके लिए ठोस उपाय करना ही एकमात्र विकल्प है।
