पेड़ों के कटान मामले में हाईकोर्ट ने लगाई फटकार,वन विभाग,राज्य सरकार और मसूरी नगर पालिका से चार सप्ताह में जवाब पेश करने को कहा।

पेड़ों के कटान मामले में हाईकोर्ट ने लगाई फटकार,वन विभाग,राज्य सरकार और मसूरी नगर पालिका से चार सप्ताह में जवाब पेश करने को कहा।

नैनीताल-01 अप्रैल 2026

उत्तराखंड हाई कोर्ट ने मसूरी नगर पालिका के द्वारा बिना वन विभाग की अनुमति के एमपीजी कालेज की भूमि पर सड़क निर्माण,खेल का मैदान बनाने के लिए बांज के पेड़ काटे जाने को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने मसूरी नगर पालिका को झटका देते हुए वहाँ पर किसी भी तरह के पेड़ कटान पर रोक लगा दी है।

कोर्ट ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि किसकी अनुमति से पेड़ काटे जा रहे है। कोर्ट ने नगर पालिका, राज्य सरकार और वन विभाग से चार सप्ताह में जवाब पेश करने को कहा है। मामले के अनुसार एमपीजी कालेज के छात्र संघ अध्यक्ष और पर्यावरण प्रेमी प्रवेश राणा ने जनहित याचिका दायर कर कहा है कि, मसूरी में कई प्राईवेट स्टेट्स हैं जिनमे बांज सहित कई बहुमूल्य पेड़ हैं। हर साल इनकी देख रेख वहाँ पर स्थित बड़े-बड़े स्कूल करते आये हैं,और पेड़ लगाए जाते है। उन्ही में से एक एमपीजी कालेज भी है जो 2 एकड़ भूमि पर फैला है।कालेज के हॉस्टल की भूमि पर नगर पालिका मसूरी के द्वारा खेल मैदान और सड़क का निर्माण करने के लिए निविदा निकाल कर बांज के कई पेड़ काट दिये,वो भी बिना वन विभाग की अनुमति के, जबकि बांज के पेड़ो की सुरक्षा के लिए 1948 का एक्ट भी है। पेड़ काटने के लिए अनुमति लेनी आवश्यक है परंतु नगर पालिका द्वारा किसी से भी कोई अनुमति नही ली गयी। इस सम्बंध में उनके द्वारा 16 मार्च को नगर पालिका मसूरी को प्रत्यावेदन भी दिया लेकिन पालिका ने उसको दर किनार कर दिया।

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने काटे गए पेड़ो की फोटो भी कोर्ट में प्रेषित की जिसका विरोध करते हुए पालिका की तरफ से कहा गया कि काटे गए पेड़ो की फोटो वहाँ की नही है। इस पर वन विभाग की तरफ से कहा गया कि यह फोटो वहीं की है, राज्य सरकार की तरफ से भी कहा गया कि इसके लिए पालिका द्वारा अनुमति नही ली गयी। सभी पक्षो को सुनने के बाद कोर्ट ने पेड़ कटान पर रोक लगाते हुए वन विभाग,राज्य सरकार और मसूरी नगर पालिका से चार सप्ताह में जवाब पेश करने को कहा है।

याचिकाकर्ता और छात्र संघ अध्यक्ष प्रवेश राणा ने कहा की उच्च न्यायालय द्वारा इसका संज्ञान लिया गया है,और नगर पालिका को फटकार लगाते हुए चार सप्ताह के भीतर जवाब पेश करने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि यह जीत मसूरी के युवाओं की जीत है और छात्रों की जीत है।

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