बागेश्वर के शहीद हवलदार गजेंद्र सिंह हुए पंचतत्व में विलीन,सैन्य सम्मान के साथ किया गया अंतिम संस्कार।

बागेश्वर के शहीद हवलदार गजेंद्र सिंह हुए पंचतत्व में विलीन,सैन्य सम्मान के साथ किया गया अंतिम संस्कार।

बागेश्वर-20 जनवरी 2026

उत्तराखंड का लाल बागेश्वर निवासी हवलदार गजेंद्र सिंह गढ़िया सोमवार 19 जनवरी को जम्मू कश्मीर के किश्तवाड़ में आंतकियों से लोहा लेते हुए सर्वोच्च बलिदान देते हुए शहीद हो गए थे। आज मंगलवार को शहीद का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव बागेश्वर जिले के गैंनाड़ लाया गया। जहां पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।

मंगलवार को शहीद गजेंद्र सिंह का पार्थिव शरीर उनके गांव लाया गया जहां सैकड़ों लोगों की आंखे नम हो गई। लोगों ने शहीद गजेंद्र सिंह अमर रहे के नारे लगाए. इस दौरान पूरा परिवार बिलख पड़ा। लोगों ने उनके अंतिम दर्शन और नम आंखों से शहीद को अंतिम यात्रा के लिए विदा किया. इस दौरान पुलिस उपाधीक्षक बागेश्वर और कपकोट ने पुष्पचक्र अर्पित कर शहीद को भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

बागेश्वर जिले के कपकोट क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत बिश्थी (पाण्याती) के गैंनाड़ गांव के रहने वाले हवलदार गजेंद्र सिंह गढ़िया वर्तमान में जम्मू कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के सिंहपोरा क्षेत्र में ड्यूटी पर तैनात थे। आतंकियों के खिलाफ सेना द्वार चलाए गए ऑपरेशन TRASHI-I में हवलदार गजेंद्र सिंह भी स्पेशल फोर्सेस की इकाई का हिस्सा थे। 18 जनवरी को सेना को किश्तवाड़ के सिंहपोरा इलाके में आतंकियों की मौजूदगी की जानकारी मिली। जिसके बाद सुरक्षा बलों ने इलाके को घेरते हुए सर्च ऑपरेशन शुरू किया। इस दौरान आतंकियों और सुरक्षा बलों के बीच जबरदस्त मुठभेड़ हुई जिसमें गजेंद्र सिंह गढ़िया समेत 8 जवान घायल हो गए। घायल जवानों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया,जहां उपचार के दौरान 19 जनवरी को हवलदार गजेंद्र सिंह ने अंतिम सांस ली।उधर, हवलदार गजेंद्र सिंह की शहादत की खबर मिलते ही पूरे उत्तराखंड में शोक की लहर दौड़ गई। सीएम पुष्कर सिंह धामी समेत कई मंत्री और विधायकों ने शहीद की शहादत पर शोक व्यक्त करते हुए संवेदनाएं प्रकट कीं।

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