मनरेगा की हत्या- मोदी सरकार ने काम का अधिकार छीना-कांग्रेस

मनरेगा की हत्या- मोदी सरकार ने काम का अधिकार छीना-कांग्रेस

देहरादून-19 दिसम्बर 2025

आज प्रदेश कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन में कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक शर्मा व पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व सीडब्लूसी सदस्य करन माहरा ने सयुक्त प्रेेस वार्ता की। इस दौरान उन्होंने मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला।

आलोक शर्मा ने कहा कि सुधार के नाम पर लोकसभा में एक और बिल पास करके दुनिया की सबसे बड़ी रोज़गार गारंटी स्कीम मनरेगा को खत्म कर दिया गया है,यह महात्मा गांधी की सोच को खत्म करने और सबसे गरीब भारतीयों से काम का अधिकार छीनने की जान-बूझकर की गई कोशिश है। कहा कि मनरेगा गांधी के ग्राम स्वराज, काम की गरिमा और डिसेंट्रलाइज़्ड डेवलपमेंट के सपने का जीता-जागता उदाहरण है, लेकिन इस सरकार ने न सिर्फ उनका नाम हटा दिया है, बल्कि 12 करोड़ मनरेगा मज़दूरों के अधिकारों को भी बेरहमी से कुचला है।

आलोक शर्मा ने कहा कि दो दशकों से मनरेगा करोड़ों ग्रामीण परिवारों के लिए लाइफ़लाइन रहा है और कोविड-19 महामारी के दौरान आर्थिक सुरक्षा के तौर पर ज़रूरी साबित हुआ है। कहा कि 2014 से, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मनरेगा के खिलाफ़ रहे हैं.जिसे उन्होंने कांग्रेस की नाकामी की जीती-जागती निशानी कहा था. कहा कि पिछले 11 सालों में, मोदी सरकार ने मनरेगा को सिस्टमैटिक तरीके से कमज़ोर किया है और उसमें तोड़फोड़ की है.बजट में कटौती करने से लेकर राज्यों से कानूनी तौर पर ज़रूरी फंड रोकने,जॉब कार्ड हटाने और आधार बेस्ड पेमेंट की मजबूरी के ज़रिए लगभग सात करोड़ मज़दूरों को बाहर करने तक, व जानबूझ कर किए गए दबाव के नतीजे में, पिछले पाँच सालों में मनरेगा हर साल मुश्किल से 50-55 दिन काम देने तक सिमट गया है। उन्होंने कहा कि यह सत्ता के नशे में चूर एक तानाशाही सरकार की सोची-समझी बदले की कार्रवाई के अलावा और कुछ नहीं है।

कहा कि यह कदम महात्मा गांधी के आदर्शों का सीधा अपमान है और ग्रामीण रोज़गार पर खुली जंग का ऐलान है। रिकॉर्ड बेरोज़गारी से भारत के युवाओं को तबाह करने के बाद, मोदी सरकार अब गरीब ग्रामीण परिवारों की बची हुई आखिरी आर्थिक सुरक्षा को निशाना बना रही है। कहा कि कांग्रेस पार्टी सड़क से लेकर संसद तक, हर मंच पर इस जन-विरोधी,मज़दूर-विरोधी और फेडरल विरोधी हमले का विरोध करेंगे।हम इस जन-विरोधी, श्रमिक विरोधी और संघीय-विरोधी हमले का हर मंच पर, सड़क से लेकर संसद तक विरोध करेंगे। कहा कि बारह साल बाद, कांग्रेस पार्टी को टारगेट करने के लिए मोदी सरकार का नेशनल हेराल्ड का केस खत्म हुआ। मोदी-शाह के झूठ कमज़ोर हो गए, सच जिंदा है।प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को इस्तीफा देना चाहिए।

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