लापरवाही ने ली जान-विद्युत विभाग की लापरवाही लाइनमैन के जीवन पर पड़ी भारी,लाइनमैन की हुई दर्दनाक मौत।

लापरवाही ने ली जान-विद्युत विभाग की लापरवाही लाइनमैन के जीवन पर पड़ी भारी,लाइनमैन की हुई दर्दनाक मौत।

अल्मोड़ा-27 जनवरी 2026

जागेश्वर क्षेत्र के कोटूली गांव में विद्युत विभाग की गंभीर लापरवाही के चलते एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। विद्युत विभाग में कार्यरत लाइनमैन पूरन सिंह (45) निवासी ग्राम काना की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से मौत हो गई। यह घटना न केवल विभागीय लापरवाही को उजागर करती है, बल्कि शटडाउन प्रक्रिया में भारी चूक की ओर भी इशारा करती है।

जानकारी के अनुसार पूरन सिंह ने कल शाम तक जागेश्वर क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति को सुचारु किया था। कार्य समाप्त वह कर घर लौट रहे थे. इसी दौरान कोटूली गांव में विद्युत लाइन में आग लगने की सूचना मिली। समस्या को ठीक करने के लिए पूरन सिंह को दोबारा मौके पर बुलाया गया। बताया जा रहा है कि लाइन पर कार्य के दौरान उन्हें शटडाउन दिया गया था,लेकिन इसी बीच तोली पावर हाउस से किसी अन्य कर्मचारी द्वारा बिना पुष्टि किए शटडाउन वापस ले लिया गया। शटडाउन हटते ही लाइन में अचानक विद्युत प्रवाह शुरू हो गया, जिससे पूरन सिंह करंट की चपेट में आ गए और तारों से चिपक गए।मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो चुकी थी। इस घटना से क्षेत्र में शोक की लहर है और ग्रामीणों में विद्युत विभाग के प्रति भारी आक्रोश है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि शटडाउन देने और लेने की प्रक्रिया में भारी लापरवाही बरती गई।

सवाल उठाया जा रहा है कि मात्र 8 हजार का वेतन पाने वाले कर्मचारी को इतनी गंभीर और जोखिम भरी जिम्मेदारी क्यों दी गई? वहीं कर्मचारियों को सुरक्षा के उपकरण ग्लब्ज आदि क्यों नहीं दिए जाते है। लोगों ने इस पूरे मामले में विभाग के उच्च अधिकारियों, विशेषकर अधिशासी अभियंता (ईई) और अधीक्षण अभियंता (एसई) से जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की मांग की है। वहीं, विद्युत विभाग के अधिशासी अधिकारी कन्हैया जी मिश्रा ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं।उन्होंने कहा कि एक वरिष्ठ इलेक्ट्रिकल इंजीनियर को जांच सौंपी गई है और जांच रिपोर्ट आने के बाद जो भी अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मृतक के परिजनों को विभाग की ओर से करीब चार लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह हादसा विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!